NCERT की किताबों में फिर बदलाव, अब सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर उस्मान और मेजर सोमनाथ के बारे में पढ़ेंगे बच्चे

एनसीईआरटी ने अपनी किताबों में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा के जीवन और बलिदान पर अध्याय जोड़े हैं. ये अध्याय कक्षा 7 और 8 की उर्दू और अंग्रेज़ी की किताबों में पढ़ाए जाएंगे. इसका उद्देश्य छात्रों को साहस, कर्तव्य और राष्ट्र सेवा के मूल्यों से परिचित कराना है.

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NCERT ने कक्षा 7 और कक्षा 8 की किताबों में नए अध्याय जोड़े हैं. (Photo: Freepik) NCERT ने कक्षा 7 और कक्षा 8 की किताबों में नए अध्याय जोड़े हैं. (Photo: Freepik)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

NCERT अब अपनी किताबों में देश के लिए अपनी वीरता और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने वाले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा के बारे में पढ़ाएगा. कक्षा आठवीं (उर्दू), कक्षा सातवीं (उर्दू) और कक्षा आठवीं (अंग्रेजी) की किताबों में इनके जीवन और बलिदान पर अध्याय जोड़े गए हैं.

नए शुरू किए गए अध्यायों का उद्देश्य छात्रों को साहस और कर्तव्य के बारे में बताया है. फील्ड मार्शल का पद प्राप्त करने वाले भारत के पहले अधिकारी, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ को उनके असाधारण नेतृत्व और रणनीतिक कौशल के लिए याद किया जाता है. महावीर चक्र और परमवीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा ने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक बने हुए हैं.

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साहस और कर्तव्य की कहानी पढ़ेंगे छात्र

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (NWM) को एक प्रमुख राष्ट्रीय स्थल के रूप में स्थापित करने के लिएष रक्षा मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के साथ मिलकर NWM और उससे संबंधित संदर्भों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया है. इन कहानियों और पाठ्यक्रम में, छात्र न केवल भारत के सैन्य इतिहास की जानकारी प्राप्त करेंगे, बल्कि लचीलापन, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और राष्ट्र निर्माण में योगदान के महत्व पर महत्वपूर्ण जीवन के सबक भी सीखेंगे.

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को प्रतिष्ठित सेंट्रल विस्टा 'सी' हेक्सागन, इंडिया गेट, नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया. इस स्मारक की स्थापना सभी नागरिकों में देशभक्ति, उच्च नैतिक मूल्यों, बलिदान, राष्ट्रीय भावना और अपनेपन की भावना जगाने के लिए की गई थी, साथ ही यह राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे बहादुर सैनिकों को एक उचित श्रद्धांजलि भी है.

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