MP: रोजगार कार्यालयों पर खर्च हुए 16 करोड़ रुपये, 3 साल में मिलीं कुल 21 नौकरियां

सरकार ने बताया कि अप्रैल 2020 से जनवरी 2023 तक 21 लोगों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है और अलग-अलग रोजगार मेलों के जरिए करीब 2 लाख 51 हजार लोगो को प्राइवेट सेक्‍टर की नौकरियों में ऑफर लेटर दिए गए हैं.

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रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 19 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 8:37 AM IST

मध्य प्रदेश सरकार ने रोजगार कार्यालयों के जरिए अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2023 तक सिर्फ 21 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है. यह जानकारी सदन में खुद मध्य प्रदेश सरकार की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दी. 

कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव ने लिखित सवाल पूछते हुए जानकारी मांगी थी कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में कितने लोगों ने रजिस्‍ट्रेशन करवाए हैं और अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2023 तक इन रोजगार कार्यालयों से कितने लोगों को रोज़गार दिया गया. इसका जवाब देते हुए यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 37,80,679 शिक्षित और 1,12,470 अशिक्षित बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन है. 

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आगे जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि अप्रैल 2020 से जनवरी 2023 तक 21 लोगों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है और अलग-अलग रोजगार मेलों के जरिए करीब 2 लाख 51 हजार लोगो को प्राइवेट सेक्‍टर की नौकरियों में ऑफर लेटर दिए गए हैं.
 
रोज़गार कार्यालयों पर 16 करोड़ हुए खर्च
मेवाराम जाटव ने सवाल पूछा था कि रोजगार कार्यालयों के संचालन के लिए  प्रतिवर्ष सरकार कितनी राशि खर्च करती है. इसका जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि रोजगार कार्यालयों के संचालन पर बीते साल 16 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च हुए हैं.

 

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