देश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख संस्थान गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपना ऑफिशियल ब्रोशर जारी कर दिया है. इसमें कई बदलाव शामिल किए गए हैं जिसका छात्रों ने भी स्वागत किया है. सबसे खास बात ये है कि इस साल 24 नए कोर्सेस की शुरुआत की गई है. ऐसे में 130 से ज्यादा संबंधित कॉलेजों और विश्वविद्यालय में 43,000 से अधिक सीटों के साथ इच्छुक उम्मीदवार स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में एडमिशन ले सकते हैं.
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू होगी. प्रवेश पुस्तिका संयुक्त रूप से दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) महेश वर्मा ने रिलीज किया.
शिक्षा मंत्री क्या बोले?
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रवेश ब्रोशर का रिलीज भविष्य के प्रति विश्वास, प्रतिबद्धता और सरकार के संकल्प का प्रतीक है. यह अवसर मुझे अपने छात्र जीवन की याद दिलाता है,जब दिल्ली के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का अर्थ अक्सर शहर छोड़ना होता था. कैपिटेशन फीस प्रणाली ने मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी फाइनेंशियल बोझ डाला और यह धारणा बनाई कि एक अच्छा भविष्य दिल्ली की सीमाओं से परे हैं. आज यह सोच बदल गई है.
शुरू हुआ नया कोर्स
उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई पीढ़ी के लिए एक उदाहरण बन गया है. 130 से ज्यादा संबंधित संस्थान में 43,000 से अधिक सीटें और एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, कानून, मेडिकल और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में 230 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम है.
इन पाठ्यक्रमों को किया गया शुरू
इस साल विश्वविद्यालय ने कई नए पाठ्यक्रम की शुरुआत की है, जिनमें बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस), लेटरल एंट्री इन बी.एस. (पैकेजिंग टेक्नोलॉजी), एम.टेक. (रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), एम.ए. मास कम्युनिकेशन (वीकेंड प्रोग्राम), चयनित विषयों में अतिरिक्त वीकेंड कार्यक्रम, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ स्टडीज), बी.टेक. इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, बी.एससी. क्लिनिकल साइकोलॉजी, बी.टेक. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस), बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम्स), टीचर एजुकेशन और इनक्लूसिव एजुकेशन और बी.ए. बी.एड. (स्पेशल एंड इनक्लूसिव एजुकेशन - आईएसआईटीईपी शामिल हैं.
एड हुए 9 और कॉलेज
वहीं, इस साल विश्वविद्यालय में नौ नए संस्थान एफिलिएट किए गए हैं. नरेला परिसर से तीन कार्यक्रम पहले से ही चलाए जा रहे हैं. नए परिसर के लिए कई नए कार्यक्रम पाइपलाइन में हैं. पिछले साल की तरह आवेदन जमा करते समय आवेदन शुल्क 2500 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसमें पंजीकरण और काउंसलिंग दोनों शामिल है.
इस तरह भी होगा एडमिशन
सीईटी के अलावा, कई पाठ्यक्रमों में एडमिशन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे जेईई मेन, नीट, कैट, सीएमएटी, निमसेट, क्लैट के आधार पर भी होगा. इसके अलावा कुछ ग्रजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों के लिए खाली सीटें कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी)के जरिए भरी जाएगी. विश्वविद्यालय ने बी.टेक कार्यक्रम में बची हुई सीटें भी सीयूईटी अंकों के माध्यम से भरने का फैसला किया है. उम्मीदवारों को इससे जुड़ी सारी जानकारी आईपी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल ipu.ac.in पर जाकर ले सकते हैं.
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