Human Rights Day 2021: मानवाधिकार दिवस आज, जानिए थीम, इतिहास और इससे संबंधित अन्य बातें

Human Rights Day 2021: लोगों को मानवाधिकार उनके मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का हक देता है, जिसके हम सभी हकदार हैं. यह राष्ट्रीयता, निवास स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या जातीय मूल, धर्म, भाषा, या किसी अन्य स्थिति के आधार पर भेदभाव के बिना हर जगह हर व्यक्ति के अधिकारों की गारंटी देता है.

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Human Rights Day 2021: प्रतीकात्मक तस्वीर Human Rights Day 2021: प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:12 PM IST
  • मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का मिलता है हक
  • दुनिया में आज मनाया जा रहा मानवाधिकार दिवस

Human Rights: दुनिया के किसी भी व्यक्ति के लिए उसके अधिकार सबसे ज्यादा महत्व रखते हैं. हर साल आज के दिन यानी 10 दिसंबर को ह्यूमन राइट्स डे (Human Right's Day) मनाया जाता है. इतिहास की बात करें तो साल 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने मानवाधिकारों के यूनिवर्सल डेक्लेरेशन को अपनाया. आज ह्यूमन राइट्स का दिन लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक और शारीरिक अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सभी के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए मनाया जाता है.

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मानवाधिकार दिवस 2021 की थीम समानता, असमानताओं को कम करना, मानव अधिकारों को और बेहतर करना है. इस वर्ष के मानवाधिकार दिवस की थीम समानता और यूडीएचआर के अनुच्छेद-1 से संबंधित है- हर व्यक्ति स्वतंत्र, समान अधिकारों के साथ पैदा होते हैं.

लोगों को मानवाधिकार उनके मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का हक देता है, जिसके हम सभी हकदार हैं. यह राष्ट्रीयता, निवास स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या जातीय मूल, धर्म, भाषा, या किसी अन्य स्थिति के आधार पर भेदभाव के बिना हर जगह हर व्यक्ति के अधिकारों की गारंटी देता है.

शिक्षा हर महिला, पुरुष और बच्चे का मौलिक अधिकार

बता दें कि शिक्षा हर महिला, पुरुष और बच्चे का मौलिक मानवाधिकार है. फिर भी यह अधिकार अब भी लाखों लोगों के लिए एक वास्तविकता नहीं है और हर एक दिन इसका उल्लंघन किया जाता है. दुनियाभर में अब भी कई जगहों पर शिक्षा के अधिकारों से लोगों को वंचित रखा जाता है. मानवाधिकार परिषद में संयुक्त राष्ट्र के 47 निर्वाचित सदस्य देश शामिल हैं.

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कई देशों को असमानता, दुर्व्यवहार और भेदभाव को रोकने, सबसे कमजोर लोगों की रक्षा करने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के अपराधियों को दंडित करने का अधिकार है. बताते चलें कि प्रोफेसर हेनकिन का ह्यूमन राइट्स में काफी अहम स्थान है. उन्हें ह्यूमन राइट्स का फादर भी कहा जाता है. उनकी इससे संबंधित कानून को सही से लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.

 

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