2024 में भर्ती आई, अभी तक परीक्षा नहीं हुई... उम्मीदवार बोले- 'कोर्ट में सरकार से कोई आता नहीं'

Ayurvedic Pharmacist Vacancy 2024: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट पदों के लिए वैकेंसी निकली थी और कई साल बाद अभी तक भर्ती के एग्जाम ही नहीं हुए हैं.

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आयुर्वेद विभाग में भी एक भर्ती 2 साल से कोर्ट में अटकी पड़ी है. (Photo: ITG) आयुर्वेद विभाग में भी एक भर्ती 2 साल से कोर्ट में अटकी पड़ी है. (Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

उत्तर प्रदेश में कई भर्तियां ऐसी हैं, जिनका सेलेक्शन प्रोसेस कई सालों से पूरा नहीं पा रहा है. कुछ भर्तियों के एग्जाम रिजल्ट अटके हैं तो कुछ भर्तियों की परीक्षा ही नहीं हो पा रही है. ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश में 2 साल पहले निकली फार्मासिस्ट भर्ती के साथ है. भर्ती का नोटिफिकेशन तो साल 1002 में जारी कर दिया गया था, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी भर्ती परीक्षा ही नहीं हुई है. अब मामला कोर्ट में पहुंच गया है और उम्मीदवार कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. 

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उत्तर प्रदेश के आयुर्वेदिक अस्पताल व कॉलेजों में 1002 फार्मासिस्ट की भर्ती भी कोर्ट के फैसले को लेकर अटकी पड़ी है. बता दें कि 2 साल पहले यानी 1 फरवरी 2024 को आयुर्वेद विभाग में 1002 फार्मासिस्ट के पद पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया. भर्ती में 2000 से अधिक आयुर्वेद में फार्मा की डिग्री धारकों ने फॉर्म भरे और उन्हें उम्मीद थी कि परीक्षा होने के बाद जल्द ही उन्हें नौकरी मिल जाएगी. लेकिन 2 साल पूरे हो चुके हैं, फॉर्म भरने के बाद अब तक परीक्षा ही नहीं हो पाई. भर्ती को कोर्ट में में चुनौती दे दी गई है और अब मामला कोर्ट के अधीन है. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अप्रैल 2024 में दायर की गई याचिका में कहा गया कि यह भर्ती पुराने नियम के तहत की जाए. साल 2023 से पहले उत्तर प्रदेश में फार्मासिस्ट की भर्ती बैचवाइज की जाती थी. इसका मतलब है कि जब जिसने फार्मासिस्ट की डिग्री पूरी की, रजिस्ट्रेशन के आधार पर बैच वाइज नौकरी मिलती थी. लेकिन कुछ साल पहले सरकार ने नियम बदल दिए. 27 अप्रैल 2023 को जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, फार्मासिस्ट की भर्ती भी PET की परीक्षा और विभागीय परीक्षा के आधार पर होगी और इसके बाद ही फरवरी 2024 में यह भर्ती आई.

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अब पुराने अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले सरकार बैकलॉग भरे पुराने अभ्यर्थियों को समायोजित करें तब नए नियम से नई नौकरी निकाले.  आयुषी पटेल हो या संदीप श्रीवास्तव इनका भी कहना है कि सरकार अपनी ही भर्ती के लिए पैरवी नहीं कर रही. 

भर्ती में आवेदन करने वाले एक उम्मीदवार का कहना है कि अब कोर्ट में डेट तो लग रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई पैरवी करने ही नहीं जाता है. हम हर तारीख पर ये आस लगाए रहते हैं कि इस बार सरकार की ओर से कोई आएगा और इस बार भर्ती क्लियर हो जाएगी, लेकिन 2 साल से ऐसा नहीं हो पा रहा है. ऐसी स्थिति बन जाती है कि सुनवाई नहीं हो पाती है. 
 

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