भारत की इस महिला टीचर ने जीता इंटरनेशनल अवॉर्ड, मिला 9 करोड़ का इनाम   

ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की विजेता रूबल नागी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं. उन्होंने अपने काम के बल पर दुनियाभर के अध्यापकों को पछाड़ कर ये अवॉर्ड अपने नाम किया है. 

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ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की विजेता रूबल नागी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं. (Photo:ITG) ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की विजेता रूबल नागी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं. (Photo:ITG)

मुस्तफा शेख

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

इन दिनों भारत की एक महिला टीचर रूबल नागी का नाम सुर्खियों में बना हुआ है जिसके पीछे एक बड़ी वजह है. उन्होंने न केवल अपना बल्कि भारत का नाम रौशन किया है. उन्हें ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 अवॉर्ड से नवाजा गया है. वंचित बच्चों को अलग तरह से पढ़ाकर वह एक ग्लोबल सेंसेशन बन गई हैं. इसके चलते उन्हें दुबई में आयोजित एक इंटरनेशनल सम्मेलन में 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपये)  के ग्लोबल प्राइज से सम्मानित किया गया है. 

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अपनी इस यात्रा को लेकर रूबल ने कहा कि मेरी यात्रा 27 साल पहले शुरू हुई थी, जब एक कला वर्कशॉप के दौरान मेरी मुलाकात एक ऐसे बच्चे से हुई जिसने अपने जीवन में कभी पेंसिल नहीं देखी थी. प्राइज मनी जीतने के बाद रूबल ने कहा कि वह इस पैसे से एक संस्थान की शुरुआत करेंगी, जिस उन बच्चों को पढ़ाया जाएगा जिन्होंने आजतक स्कूल नहीं देखा है. 

कौन हैं रूबल नागी?

बता दें कि रूबल नागी, सेवानिवृत्त कर्नल ज्ञान सिंह सूडान की बेटी हैं. शादी के बाद वह मुंबई शिफ्ट हो गईं. ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 के लिए दुनिया भर के 139 देशों से करीब 5,000 नामांकन और आवेदन आए थे. इनमें से रूबल नागी को चुना जाना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. 

मिला एक खास वीडियो

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पुरस्कार जीतने के बाद रूबल नागी को एक इमोशनल कर देने वाला वीडियो मिला जो कश्मीर के तंगधार जिले के करनाह गांव का है, जो LOC के पास है. इस वीडियो में उनके कंप्यूटर सेंटर में पढ़ने वाला एक बच्चा उन्हें बधाई देता नजर आ रहा है, जिसने रूबल नागी को बेहद भावुक कर दिया. 

सफर है बहुत खास 

दुबई में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में हर साल दुनियाभर के लीडर्स और एक्सपर्ट शामिल होते हैं, जहां रूबल ने भारत को रिप्रेजेंट किया था. रूबल ने आज से 24 साल पहले एक वर्कशॉप चलाई थी, जिसकी शुरुआत उन्होंने 30 बच्चों के साथ की थी. अब रूबल भारत में ऐसे 800 से ज्यादा ट्रेनिंग सेंटर चला रही हैं, जहां लाखों बच्चे शिक्षा ले रहे हैं. रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन नाम की संस्थान चलाती हैं जो देश के गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है.

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