हाल के समय में बड़ी टेक कंपनियां बड़े स्तर पर छंटनी कर रही है. लेकिन ये छंटनी कर्मचारियों की हो रही थी लेकिन अमेरिका की फिनटेक कंपनी बोल्ट ने कुछ अलग ही कर दिया है. बोल्ट ने बड़े स्तर पर छंटनी करते हुए अपने पूरे HR विभाग को हटा दिया. इसे लेकर कंपनी के सीईओ रयान ब्रेस्लो ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि HR टीम ऐसी समस्याएं पैदा कर रही थी जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं था. फॉर्च्यून वर्कफोर्स इनोवेशन समिट में बोलते हुए ब्रेस्लो ने कहा कि यह फैसला कंपनी को फिर से मजबूत बनाने की बड़ी प्लानिंग का हिस्सा था. उनका कहना है कि लगातार गिरती वैल्यूएशन, छंटनी और पुनर्गठन के बाद कंपनी को दोबारा संभालने के लिए बड़े बदलाव जरूरी थे जिसके लिए ये फैसला लिया गया है.
ब्रेस्लो ने आगे कहा कि कंपनी को ज्यादा तेजी से काम करने लिए HR विभाग को हटाना जरूरी था. उनका दावा है कि HR टीम से जुड़ी जो समस्याएं सामने आ रही थीं, वे विभाग हटने के बाद खत्म हो गईं. फॉर्च्यून के साथ बातचीत के दौरान ब्रेस्लो ने कहा कि हमारे पास एक HR की टीम थी और वह टीम ऐसी समस्याएं पैदा कर रही थी जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था. जब मैंने उन्हें नौकरी से निकाल दिया तो समस्या अपने आप ही गायब हो गईं.
साल 2014 में हुई थी बोल्ट की शुरुआत
बता दें कि ब्रेस्लो ने साल 2014 में बोल्ट की स्थापना की और कंपनी जल्द ही अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ने वाले फिनटेक स्टार्टअप्स में से एक बन गई. हालांकि, उन्होंने 2022 में सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया. उनके जाने के बाद, कंपनी की स्थिति में तेजी से गिरावट आई और बोल्ट को दोबारा से अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिसके चलते कई दौर की छंटनी हुई. 2025 में कंपनी की हालत खराब होने के बाद ब्रेस्लो फिर से वापस आए. उन्होंने मौजूदा समय को कई बार युद्धकाल जैसा बताया. उनका कहना है कि बोल्ट को बड़ी कंपनियों जैसी भारी व्यवस्था नहीं, बल्कि एक स्टार्टअप की तरह तेज और लचीले तरीके से काम करने की जरूरत है.
अपने फैसले का किया बचाव
HR विभाग को हटाने के अपने फैसले का बचाव करते हुए ब्रेस्लो ने माना कि बड़ी और पुरानी कंपनियों में HR टीम की अहम भूमिका होती है, लेकिन उनका कहना है कि बोल्ट की मौजूदा स्थिति में यह तरीका फिट नहीं बैठ रहा था. उन्होंने बताया कि कंपनी पूरी तरह बिना HR के नहीं चल रही है. अब बोल्ट में एक छोटी HR ऑपरेशंस टीम है, जो कर्मचारियों की मदद और जरूरी ट्रेनिंग का काम संभालती है. ब्रेस्लो का कहना है कि इससे फैसले जल्दी लेने और कम नौकरशाही के साथ काम करने में मदद मिलती है.
काम के नतीजों पर करें फोकस
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को ऐसे लोगों की जरूरत है जो प्रक्रियाओं से ज्यादा काम और नतीजों पर ध्यान दें. पुनर्गठन के दौरान बोल्ट ने चार दिन का वर्क वीक और अनलिमिटेड छुट्टियों जैसी सुविधाएं भी बंद कर दीं. सीईओ ने कहा कि कंपनी को अब ज्यादा सख्त और काम पर फोकस करने वाले तरीके से चलाने की जरूरत है. अब कंपनी में करीब 100 कर्मचारी बचे हैं, जो पहले के मुकाबले काफी कम हैं फिर भी ब्रेस्लो का कहना है कि कंपनी अब बेहतर काम कर रही है, ग्राहकों को जल्दी जवाब दे रही है और टीम पहले से ज्यादा एक्टिव हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क