DU Latest Circular: दिल्ली विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ( कॉलेजेज) ने डीयू से संबद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपल / डायरेक्टर्स को सोमवार को सर्कुलर जारी किया. इसमें निर्देश दिए गए हैं कि कॉलेजों में पढ़ा रहे किसी भी एडहॉक टीचर्स को उसके पद से तब तक न हटाया जाए जब तक कि स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने ईसी-रेजुलेशन-120 (8 ) दिनांक 27/12/2007 यथा समय संशोधित पत्रों , दिनांक--18/1/2008 , 24/4/2010 और 5/8/2010 के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है. इन पत्रों में किसी भी एडहॉक टीचर्स को नहीं हटाने की बात की गई है. आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी सर्कुलर का स्वागत किया है. ऐसोसिएशन ने कहा है कि जब तक कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक एडहॉक टीचर्स पूर्णतया सुरक्षित हैं. विश्वविद्यालय ने यह निर्णय व्यापक छात्र हित में लिया है.
गौरतलब है कि विभागों और विभिन्न कॉलेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति जारी है. वहीं कुछ कॉलेजों में स्क्रीनिंग व स्कूटनी की प्रक्रिया जारी है. डीटीए के अध्यक्ष डॉ.हंसराज सुमन ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को जारी सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि छात्रों के अकादमिक हितों का ध्यान रखते हुए जब तक विभिन्न अनुशासनों और विषयों में शिक्षकों की नियमित नियुक्ति नहीं होती है तब तक कार्यरत्त एडहॉक शिक्षकों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार कार्य करने दिया जाए. डॉ.सुमन ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र 2022--23 बुधवार 20 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है.
इस सर्कुलर के माध्यम से एडहॉक शिक्षकों की पहले ही दिन ज्वाईनिंग संभव हो सकेगी. उन्होंने बताया कि 20 जुलाई से पांचवां सत्र प्रारंभ होगा जिसके अंतर्गत तृतीय वर्ष की कक्षाएं ही लगेंगी. डॉ. सुमन ने यह भी बताया है कि 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहे पांचवें सत्र में एडहॉक शिक्षकों के सामने वर्कलोड कम होने से ज्वाईनिंग में दिक्कतें आ रही थीं जिसके लिए डीयू के तमाम शिक्षक संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एडहॉक टीचर्स की ज्वाइनिंग के लिए कुलपति व डीन ऑफ कॉलेजेज को लिखा था.
कुलपति ने एडहॉक टीचर्स के वर्कलोड व उनकी ज्वाईनिंग की समस्या का समाधान किया जिसके लिए डीटीए अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने कुलपति को इसके लिए धन्यवाद दिया है. उन्होंने विश्वविद्यालय व कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी मांग की है ताकि लंबे समय से पढ़ा रहे एडहॉक टीचर्स स्थायी हो.
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