Delhi University Convocation 2023: दिल्ली विश्वविद्यालय के 99वें दीक्षांत समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र और अधिकारी अब टोपी और गाउन पहने नजर नहीं आएंगे. अभी तक ये पोशाक ही विश्वविद्यालय की पढ़ाई के बाद दीक्षांत समारोह में पहनने की परंपरा रही है.
इस साल छात्रों को पारंपरिक लोकाचार के साथ पहनने के लिए एक शॉल या अंगवस्त्र दिया जाएगा जो इस साल ही शुरू होगा. लगभग दो महीने पहले डीयू के कुलपति द्वारा गठित एक दीक्षांत समिति ने पोशाक के लिए नए डिजाइन की संस्तुति की थी. इसे अकादमिक और कार्यकारी परिषद की बैठकों में अनुमोदन के लिए रखकर ही अनुमोदित किया गया है.
इंडिया टुडे से बात करते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि हम इसे पहली बार शुरू करने जा रहे हैं, लेकिन यह पुरानी भारतीय परंपरा है. दीक्षांत समारोह में कोट और ग्रेजुएशन की टोपी नहीं होगी - बल्कि ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को ग्रेजुएशन समारोह में पहनने के लिए शॉल या अंगवस्त्र दिया जाएगा. हम संस्कृति और भारतीय परम्पराओं से ओत-प्रोत देश हैं और हम इसके माध्यम से भारतीय लोकाचार को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे. भारत की राष्ट्रपति महोदया भी इस अवसर पर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाने वाली हैं.
सिर्फ छात्र ही नहीं प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक भी दीक्षांत समारोह में पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आएंगे. प्रो सिंह ने कहा कि इस विचार के पीछे लोकाचार की कई वर्षों से प्रचलित औपनिवेशिक मानसिकता से दूर जाना है.
इस पोशाक पर प्रमुखता बैंगनी रंग में दिल्ली विश्वविद्यालय के 'द ट्री ऑफ लाइफ' का लोगो होगा. समारोह में विभिन्न श्रेणियों के छात्रों-यूजी, पीजी, पीएचडी आदि के लिए ड्रेस का रंग अलग-अलग होगा. बता दें कि दीक्षांत समारोह 25 फरवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के मल्टी परपज हॉल, स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में सुबह 9.30 बजे शुरू होगा.
मिलन शर्मा