दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में स्कूल फीस को रेगुलेट करने वाला नया कानून 2026-27 के एकेडमिक सेशन से लागू होगा. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि कानून अगले साल से लागू होगा और इसे 2025-26 के लिए लागू नहीं किया जाएगा. दिल्ली सरकार की ओर से ASG एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोर्ट इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर ले सकता है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसने नए कानून के लागू होने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब सरकार ने यह आश्वासन दे दिया है तो कानून को लागू करने में कोई जल्दी नहीं है और इसलिए सुप्रीम कोर्ट के दखल की अब और ज़रूरत नहीं होगी. कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील के बयान को रिकॉर्ड पर लिया और अपने आदेश में कहा कि इस स्टेज पर किसी और आदेश की जरूरत नहीं है. सभी सवालों पर दिल्ली हाई कोर्ट विचार करेगा.
जस्टिस पी एस नरसिम्हा ने कहा कि जब मामला हमारे सामने आया तो हमारी चिंता इसकी प्रक्रिया और कार्यान्वयन में बरती गई जल्दबाजी को लेकर थी. इस मामले में दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने इस नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद प्राइवेट स्कूलों ने सुप्रीम कोर्ट अपील दाखिल की थी.
कमेटी बनाना होगा जरूरी
बता दें कि प्राइवेट स्कूलों ने दिल्ली सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगाने की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल की थी, उसमें उन्हें फीस तय करने के लिए कमेटी का गठन करने को कहा था. इस नए नियम के मुताबिक फीस निर्धारण पर फैसला लेने वाली इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन, सरकार के प्रतिनिधियों के साथ साथ अभिभावकों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की बात तय की गई थी.
संजय शर्मा