अब इंजीनियरिंग के छात्र पढ़ेंगे गीता के श्लोक... CSVTU और इस्कॉन के बीच हुआ करार

CSVTU Bhilai Bhagavad Gita Course: छत्तीसगढ़ का यह एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय अब तकनीक और आध्यात्मिकता के संगम का केंद्र बनेगा. इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी नई पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो छात्रों को केवल 'कुशल मशीन' बनाने के बजाय एक 'जिम्मेदार नागरिक' बनाने पर केंद्रित है.

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ISKCON के साथ हुआ CSVTU का एमओयू.(Photo:ITG) ISKCON के साथ हुआ CSVTU का एमओयू.(Photo:ITG)

रघुनंदन पंडा

  • भिलाई ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

छत्तीसगढ़ का एक मात्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी भिलाई के छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) के तहत संचालित 42 इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अब भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत भगवत गीता का अध्ययन कराया जाएगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) के साथ एक अहम कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए.

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छत्तीसगढ़ के सभी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक 42 कालेजों में एक सेमेस्टर के लिए 'भगवत गीता' विषय पढ़ाया जाएगा. यह पाठ्यक्रम केवल सैद्धांतिक नहीं होगा, बल्कि इसमें जीवन मूल्यों, नैतिक शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, आत्म-नियंत्रण और सकारात्मक सोच जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा.

ISKCON के प्रशिक्षित कालेजों में जाकर विद्यार्थियों को सीधे इस विषय का अध्ययन कराएंगे. तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशबंत साहेब ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित न रखते हुए उन्हें नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त बनाना है. भगवत गीता भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और विवेक के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने कहा कि सीएसवीटीयू इस्कॉन के साथ भागवत गीता पढ़ने के लिए अनुबंध हुआ है. सीएसवीटीयू के अधीन आने वाले सभी कालेजों में इसका एक सेमेस्टर पढ़ाया जाएगा. इस पहल से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा. यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होगा और छात्रों को वैकल्पिक विषय के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार इसका चयन कर सकेंगे. विश्वविद्यालय स्तर पर पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि सभी कॉलेजों में एक समान गुणवत्ता के साथ इसे लागू किया जा सके.

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ISKCON रायपुर के रामरधुनाथ दास ने कहा, विद्यार्थियों को गीता के श्लोकों के माध्यम से जीवन प्रबंधन, तनाव से मुक्ति और कर्तव्यबोध की भावना सिखाना है. इससे तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं में नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और अधिक प्रबल होगी. सीएसवीटीयू और इस्कान के बीच हुए इस अनुबंध को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को भारतीय दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा.

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