69000 शिक्षक भर्ती का मामला फिर गरमाया, आज लखनऊ में होगा प्रदर्शन

69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर एक बार फिर से मामला गरमा गया है. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 2 फरवरी यानी आज लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगे. ऐसा आरोप है कि सरकार ने इसे लेकर कोई पहल नहीं की है. प्रदर्शकारियों की ओर से विधानसभा के घेराव की चेतावनी दी गई है. माना जा रहा है कि अभ्यर्थियों के परिजन भी आंदोलन में शामिल होंगे. 

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69000 शिक्षक भर्ती का मामला फिर गरमाया. (Photo: Pexels) 69000 शिक्षक भर्ती का मामला फिर गरमाया. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:52 AM IST

उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामले ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है. इसे लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी आज यानी 2 फरवरी 2026 को लखनऊ में अपनी मांगो को पूरा करवाने के लिए को धरना प्रदर्शन करेंगे. इस मामले में अभ्यर्थियों का आरोप है कि ने कोई पहल नहीं कर रही जिस कारण से मामला इतना आगे चला गया है. इस केस की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में साल 2024 में सितंबर के महीने में हुई थी. उसके बाद से लगातार के इस मामले में तारीख पर तारीख मिल रही है.

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इस केस को लेकर अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी. लेकिन उससे पहले आरक्षित वर्ग के लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए आज प्रदर्शन करने वाले हैं. 

कौन कर रहा है प्रदर्शन का नेतृत्व 

ऐसे में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने इसे लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा की इस केस को सुलझाने के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है. जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट से केवल तारीखें मिल रही हैं. इस दौरान उन्होंने बताया कि वे दो फरवरी से आंदोलन करेंगे. आंदोलन के शुरुआत में बनाए गए सभी जिला कोऑर्डिनेटर से ब्लाक लेवल पर संपर्क कर आने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की लिस्ट बनाने को कहा गया है. 

प्रदर्शकारियों का फूटा गुस्सा 

ऐसे में इस केस को लेकर प्रदर्शकारियों में गुस्सा भरा पड़ा है. उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग और लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में है. इस केस पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाई कोर्ट डबल बेंच का फैसला सब हमारे पक्ष में है, लेकिन हमारे साथ अन्याय इसलिए हो रहा है क्योंकि हम पिछड़े और दलित समाज से आते हैं. 

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इतने सालों से चल रहा है संघर्ष

वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा कि  वो पिछले 6 सालों  से संघर्ष कर रहे हैं.सरकार से मांग करते हैं, लेकिन हमारी बातों को नहीं सुना जाता है. सुनवाई न होने के कारण सभी अभ्यर्थी आहत हैं. 

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