टॉप सरकारी अफसरों में किसके पास है सबसे ज्यादा पावर? क्या होता है इनमें अंतर  

भारत में जब भी सम्मान, पावल और सोशल सर्विस जैसे नौकरियों की बात होती है तो, सबसे पहला नाम सिविल सर्विस यानी कि UPSC का आता है. हर साल लाखों बच्चे इस परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं और अफसर बनना चाहते हैं. लेकिन कई बार उनके मन में इनके पदों को लेकर दुविधा रहती है.

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IAS, IPS और IFS जैसे पदों के बार में जानना चाहते हैं युवक.(Photo: Pexels) IAS, IPS और IFS जैसे पदों के बार में जानना चाहते हैं युवक.(Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

सरकारी नौकरी ज्यादातर युवा की पहली पसंद होती है. वहीं, भारत में IAS, IPS और IFS जैसे पदों के बारे में जानने के लिए युवा हमेशा ही उत्सुक रहते हैं. उनके मन में इस पदों को लेकर कई तरह के सवाल भी होते हैं जैसे कि इन पदों पर काम करने के लिए एक ही परीक्षाएं देनी होती हैं, इन पदों में से सबसे ज्यादा पावर किसके पास होती है या ये एक-दूसरे से कितने अलग होते हैं. 

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तो आपको बता दें कि IAS, IPS और IFS एक दूसरे से बहुत अलग होते हैं. इतना ही नहीं इनका काम भी बहुत अलग होता है. एक ओर जहां IAS का काम होता है नीतियों को बनाना और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करना. IPS अधिकारी देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था संभालते हैं. वहीं, IFS विदेश नीति का चेहरा माना जाता है.

क्या होता है तीनों में अंतर?

IAS

IAS का पूरा नाम भारतीय प्रशासनिक सेवा है. इसे देश की सबसे पावरफुल सेवा के रूप में जाना जाता है. IAS अधिकारी नीतियों बनाने से लेकर उन्हें जमीनी स्तर पर लागू कराने का काम करते हैं. वहीं, जिला स्तर पर इन्हें जिलाधिकारी या कलेक्टर के नाम से जाना जाता है, जो पूरे जिला के प्रशासन, विकास कामों, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं को देखते हैं. बता दें कि इनके पास सबसे ज्यादा प्रशासनिक अधिकार और फैसले लेने की शक्ति होती है. 

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IPS

IPS की बात करें तो इसे इंडियन पुलिस सर्विस के नाम से जाना जाता है. IPS अधिकारी देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को संभालते हैं. ये SP, DIG, IG, DGP जैसे पदों पर रहते हुए पुलिस बल का नेतृत्व करते हैं. अपराध नियंत्रण, दंगे और आतंकी गतिविधियों में इनकी बहुत बड़ी भूमिका होती है. इनके पास पुलिस और सुरक्षा से जुड़े फैसले लेने का अधिकार होता है लेकिन प्रशासनिक फैसलों को लेकर ये IAS को रिपोर्ट करते हैं. 

IFS 

वहीं, IFS का बात करें तो इन्हें  इंडियन फॉरेन सर्विसेज नाम से जानते  हैं. IFS अधिकारी भारत की विदेश नीति को लागू करते हैं. ये विदेशों में राजदूत, उच्चायुक्त और काउंसलर के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. अंतरराष्ट्रीय समझौते, विदेशी संबंध और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी इनके ही दायरे में आती है.

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