UPSC Prelims 2026: क्या सिर्फ मेहनत से निकलेगा एग्जाम? एक्सपर्ट ने बताया सक्सेस का ये 'स्मार्ट मंत्र'

मई में देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC-Prelims (यूपीएससी प्रीलिम्स) होने वाली है. सिर्फ दो महीने का समय बाकी है और कई अभ्यर्थ‍ियों के मन की उलझनें अभी भी नहीं सुलझी हैं. परीक्षा में क्या पूछा जाएगा, पेपर किस स्पीड में हल करना है, कैसे प्रील‍िम्स क्लीयर करना है, ऐसे कई तरह के सवाल सामने हैं. इन्हीं सवालों का जवाब aajtak.in ने करोल बाग की जानी-मानी यूपीएससी कोचिंग के शिक्षक ऋषभ शर्मा से जाना. 

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 UPSC प्री एग्जाम 2026 के लिए अब केवल दो महीने का समय बचा है. (Photo : ITG) UPSC प्री एग्जाम 2026 के लिए अब केवल दो महीने का समय बचा है. (Photo : ITG)

निवेदिता गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

UPSC प्री-एग्जाम 2026 के कुछ ही दिन बचे हैं. अभ्यर्थ‍ियों के दिल की धड़कनें तेज हो चुकी हैं. यूपीएससी कोच‍िंग श‍िक्षक ऋषभ शर्मा का कहना है कि स्मार्ट रिविजन, प्रीवियस ईयर क्वेश्चन (PYQ) पर फोकस, सही टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेस कंट्रोल ही सबसे पहली कुंजी है. यही वक्त है जब वो अपनी तैयारी को तेज, फोकस्ड और स्ट्रेटजिक बनाएं. इससे कम समय में बेहतरीन रिजल्ट हासिल किया जा सकता है. यूपीएससी की जर्नी को आसान बनाने के लिए ऋषभ शर्मा के ये ट‍िप्स आपके बहुत काम आने वाले हैं. 

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कम समय में कैसे करें तैयारी?

कम समय में बच्चों की सबसे बड़ी समस्या है टाइम मैनेजमेंट. UPSC एग्जाम के लिए कम होता है पढ़ना बहुत ज्यादा पड़ता है. ऐसे में शिक्षक ऋषभ शर्मा ने सलाह दी है कि कम समय को इस तरह से प्लान करें जिसमें आपको ज्यादा रिविजन करने का समय मिल जाए. इसके लिए उन्होंने कहा है कि परीक्षा के करीब 60 दिन पहले से छात्रों को अपना पूरा शेड्यूल को सही तरह करने की जरूरत है. 

ऐसे करें टाइम मैनेजमेंट 

  • अभ्यथी सबसे पहले डेली टारगेट सेट करें, जिसमें से 1-2 घंटे रिविजन के लिए देना चाहिए. 
  • कम दिन बचे हैं तो MCQ सॉल्व करने पर फोकस करें. अब पूरी किताब को पढ़ने की न जरूरत है न वक्त. अब टॉपिक को प्रायोरिटी दी जानी चाहिए. 
  • अभ्यर्थी उन सवालों पर ज्यादा फोकस करें जो पिछले साल  के पेपरों में बार-बार पूछे गए हैं.  

फर्स्ट-लास्ट अटेम्प्ट वालों के लिए जरूरी ट‍िप्स 

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इस साल का एग्जाम कई उम्मीदवारों के लिए उनका पहला अटेम्प्ट होगा तो, कईयों के लिए ये किस्मत चमकाने का लास्ट चांस है. ऐसे में कम समय में दोनों की ही प्लानिंग में बदलाव होना चाहिए. दोनों तरह के अभ्यर्थियों के लिए स्ट्रेटजी लगभग एक जैसी होनी चाहिए. पहली बार प्रयास कर रहे छात्र सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि वो सोचते हैं उनके पास बहुत टाइम है जिसकी वजह से वह अपने पहले अटेम्प्ट में एग्जाम पास नहीं कर पाते हैं. 

वहीं, लास्ट अटेम्प्ट होने के कारण उम्मीदवार पैनिक जैसी स्थिति में पहुंच जाते हैं और कई तरह की किताबों से पढ़ना शुरू कर देते हैं. इससे उनमें कनफ्यूजन बढ़ जाता है. उन्हें समझना होगा कम टाइम में ज्यादा मेहनत से ज्यादा जरूरी है स्मार्ट रिविजन और प्लानिंग. वो हर टॉपिक का सबसे इम्पॉर्टेंट हिस्सा कवर करें. फोकस सही प्लानिंग और प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स पर होना चाहिए.

स्ट्रेस पर रखें कंट्रोल 

परीक्षा की तैयारी के दौरान उम्मीदवार बहुत स्ट्रेस में आ जाते हैं. इस स्थिति से निपटने के लिए शिक्षक ऋषभ शर्मा ने छात्रों को सलाह दी है कि वो अपने परिवार, दोस्तों या शिक्षकों से बात करें. 

  • रोजाना 20–25 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जैसे जॉगिंग, साइकलिंग या योग करें. 
  • सही डाइट लें. इसमें फल, कॉर्नफ्लेक्स और होम कुक्ड खाने को प्राथमिकता दें और  बाहर का फास्ट फूड न लें. 
  • पर्याप्त नींद लें और एग्जाम से 15 दिन पहले सोने का शेड्यूल बदलें. 
  • अच्छी मेंटल हेल्थ के लिए टाइम मिलने पर मूवी देखें या हल्का मनोरंजन करें. घबराने की जगह सही प्लानिंग करें. 

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जॉब के साथ तैयारी करने वाले क्या करें 

अगर आप नौकरी के साथ UPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो समय सबसे बड़ा चुनौती बन जाता है. रोजाना 9 से 5 की नौकरी और तैयारी के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में जरूरी है कि आप स्मार्ट टाइम मैनेजमेंट, फोकस्ड रिविजन और छोटे लेकिन असरदार स्टडी सेशंस अपनाएं ताकि कम समय में भी अपनी तैयारी को मजबूत किया जा सके. 

ये अभ्यर्थी  AI, ऑनलाइन PDF, टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप का इस्तेमाल करें. ऑफिस में ब्रेक के दौरान करेंट अफेयर या न्यूज पढ़ें. PYQ को जरूर देखें, इससे यह पता चलता है कि कौन से सेगमेंट से सवाल आते हैं. करेंट अफेयर्स के लिए सिर्फ पिछले 1 साल का ध्यान दें. 

रिविजन के लिए एक दिन में अधिकतम दो टॉपिक को ही कवर करें. इसके साथ ही एक ही टेस्ट सीरीज फॉलो करें, मल्टीपल टेस्ट सीरीज न लें. वह छात्र कोचिंग की भी मदद ले सकते हैं और अगर नहीं लेते हैं तो मेंटरशिप लेकर अपनी तैयारी बेहतर कर सकते हैं.

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