AI को समझने और सीखने में शहरी युवाओं से आगे निकले ग्रामीण युवा, रोज के कामों के लिए कर रहे हैं यूज

AI का बढ़ते ट्रेंड शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है. भारत के ग्रामीण युवाओं में से आधे से ज्यादा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में जानते हैं और किसी न किसी तरह इसे रोजमर्रा की जिंदगी में सीखने, बातचीत करने और नए मौके पाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. 

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AI का बढ़ते ट्रेंड शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है. (Photo:Pexels) AI का बढ़ते ट्रेंड शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है. (Photo:Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:01 AM IST

नए दौर में बदलते टेक्नोलॉजी के साथ अब लोग कई सारे एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं. AI के बढ़ते डिमांड के चलते लोग रोजाना कुछ न कुछ नया सीख रहे हैं. AI की डिमांड शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रही है. कर्नाटक के एक गांव में रहने वाले 19 साल के राकेश ने जब अपने फोन पर AI का यूज करना शुरू किया, तो यह जिज्ञासा नहीं बल्कि जरूरत थी. जॉब्स के लिए अप्लाई करते हुए अंग्रेजी भाषा में आ रही कठिनाई के कारण उन्होंने AI का सहारा लिया. सही तरह से लिखने और ट्रांसलेट करने के लिए उन्होंने AI का सही तरह से इस्तेमाल किया.

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हालांकि, यह शुरू भले ही जरूरत के साथ हुआ था लेकिन धीरे-धीरे यह आदत बन गया. राकेश, रोजाना के काम के लिए AI का यूज करने लगे, जिसने उन्हें उन जगहों पर अधिक आत्मविश्वास महसूस करने में मदद की जो कभी दूर की लगती थी. 

बढ़ रही है AI की मांग 

राकेश का अनुभव अब अलग या अनोखा नहीं है. इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में जारी एक नए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, AI अब भारत के ग्रामीण युवाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन रही है.  इससे उनके पढ़ने-लिखने, बातचीत करने और नौकरी की तैयारी करने के तरीके में बदलाव आ रहा है. इसके साथ ही यूथ AI एस्पिरेशन्स एंड एडॉप्शन रिपोर्ट (YouGraf.JanAI) 3,005 ग्रामीण युवाओं के जवाबों पर आधारित है. इस रिपोर्ट के अनुसार 55% युवा लगभग हर दिन एआई का यूज करते हैं, 28% कभी-कभी इसका इस्तेमाल करते हैं, जबकि केवल 17% युवाओं ने कहा कि वे एआई का यूज बिल्कुल नहीं करते.

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भाषा और लिखने के लिए कर रहे प्रेरित 

ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिए AI किसी वरदान से कम नहीं है. यह वहां के युवाओं के लिए नए मौके बना रहा है. सर्वे में पाया गया कि 46 फीसदी युवा ट्रांसलेशन के लिए एआई का यूज कर रहे हैं, जिससे उन्हें अंग्रेजी समेत अन्य भाषाओं को बेहतर समझने में मदद मिलती है. वहीं 33 प्रतिशत युवा लिखने के लिए इसका यूज कर रहे, जैसे स्कूल का होमवर्क करना, रिज्यूमे बनाना और ऑनलाइन आवेदन भरना. 

AI पूरा कर रहा है कमी 

जिन ग्रामीण इलाकों में कोचिंग पहुंचना संभव नहीं है, वहां पर इस कमी को AI पूरी कर रहा है. युवा कहते हैं कि किसी भी परीक्षा की तैयारी करना, एप्लीकेशन फॉर्म भरना और भाषा को समझने में यह बहुत काम की चीज है. वहीं, इसे लेकर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह बदलाव ग्रामीण युवाओं को उन बाधाओं को दूर करने में मदद कर रहा है जो कभी उनकी प्रगति को रोकती थी. 

जागरूकता से रोजगार तक

एआई के बढ़ते चलन के बाद भी कई तरह की समस्या अभी भी सामने आ रही है. अधिक  जागरूकता होने के बावजूद ग्रामीण युवाओं में केवल 14% ही अभी एआई का इस्तेमाल कमाई के लिए कर रहे हैं. ज्यादातर युवा फिलहाल इसे रोजगार के बजाय सीखने और जानकारी हासिल करने के लिए उपयोग कर रहे हैं. साथ ही एआई स्किल सीखने में उनकी दिलचस्पी बहुत मजबूत है. 10 में से 9 युवाओं ने कहा कि वे सरकार की ओर से प्रमाणित एआई कोर्स में दाखिला लेना चाहेंगे और 61% का मानना है कि ऐसा प्रमाणपत्र उनके नौकरी के अवसर बढ़ा सकता है. यह दिखाता है कि ग्रामीण युवा एआई को सिर्फ यूज के लिए बल्कि अपने भविष्य और करियर के अहम हिस्से के रूप में देख रहे हैं. 
 

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