तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब नौकरी की इंटरव्यू प्रक्रिया भी बदल रही है. अगर आप किसी ग्लोबल टेक कंपनी में नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो उम्मीद है कि पहले आपका सामने इंसान से नहीं बल्कि AI इंटरव्यूअर से होगा. इसका उद्देश्य है हायरिंग को तेज और निष्पक्ष बनाना. इसमें उम्मीदवार को किसी व्यक्ति के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन या सॉफ्टवेयर के सामने सवालों के जवाब देने होते हैं, जिनका विश्लेषण AI तकनीक के जरिए किया जाता है.
AI इंटरव्यू के दौरान सॉफ्टवेयर उम्मीदवार की आवाज, बोलने का तरीका, आत्मविश्वास, चेहरे के हावभाव और जवाबों की स्पष्टता जैसी कई चीजों का विश्लेषण करता है. इसके बेसिस पर उम्मीदवार की प्रोफाइल का आकलन किया जाता है और कंपनी को रिपोर्ट दी जाती है.
AI को इस तरह करें इंप्रेस
AI के सामने इंटरव्यू देना थोड़ा अजीब हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वह इंसानों की तरह आपको सहज महसूस नहीं करवा सकता. रोबोट आपकी भावनाओं से ज्यादा आपकी एक्यूरेसी और कीवर्ड्स पर फोकस करता है. ऐसे में चलिए जान लेते हैं कि AI इंटरव्यू देते टाइम किन बातों पर ध्यान देने होता है.
कीवर्ड पर करें फोकस
बता दें कि AI जब आपका इंटरव्यू लेता है, तो ये आपके कीवर्ड पर ज्यादा फोकस करता है. आपकी ओर से दी गई कीवर्ड को AI जॉब डिस्क्रिप्शन के साथ मैच करता है. लेकिन अगर आप इस समय इन कीवर्ड का यूज नहीं करते हैं, तो आप हायरिंग रेस से बाहर हो जाते हैं.
कैमरे पर करें फोकस
कैमरे के सामने आत्मविश्वास रखें. AI इंटरव्यू में कैमरा आपके चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज को भी रिकॉर्ड करता है, इसलिए आत्मविश्वास के साथ बात करना जरूरी है. AI इंटरव्यू के दौरान कैमरा आपके आई-मूवमेंट को भी ट्रैक करता है.
साफ और स्पष्ट बोलें
इस दौरान जवाब देते टाइम शब्दों का उच्चारण साफ रखें और बहुत तेज या बहुत धीमे बोलने से बचें. ऐसा इसलिए क्योंकि AI सिर्फ आपके शब्दों को नहीं सुनता बल्कि वह आपका कॉन्फिडेंस भी मापता है. इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि स्टेबल स्पीड से बोलें.
बॉडी लैंग्वेज और मुस्कुराहट
भले ही आप इंसानों को इंटरव्यू नहीं दे रहे हों लेकिन AI आपके माइक्रो-एक्सप्रेशन्स को बखूबी रिकॉर्ड करता है. अगर आप डरे हुए या बहुत टेंशन में दिख रहे हैं, तो मशीन इसे निगेटिव मान सकती है. ऐसे में अपने बॉडी लैंग्वेज और मुस्कुराहट पर ध्यान दें.
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