इस धमाके से हिल गई थी ब्रितानी हुकूमत

इतिहास में 8 अप्रैल को हुए इस बम धमाके ने ब्रितानी हुकूमत की चूलें हिलाकर रख दी थी. इस बम धमाके का उद्देश्य किसी को भी नुकसान पहुंचाना नहीं था.

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Bhagat Singh Bhagat Singh

स्नेहा

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

1929 में 8 अप्रैल को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली में बम फेंककर मौका-ए-वारदात पर गिरफ्तारी दी थी. जानिए इस घटना से संबंधित महत्वपूर्ण फैक्ट्स...

1. इस धमाके का मुख्य उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था. इसका उद्देश्य दो दमनकारी बिलों का विरोध करना था. बम जानबूझकर खाली जगह फेंका गया था.

2. धमाकों के बाद दोनों क्रांतिकारी भागने के बजाय वहीं खड़े रहे और गिरफ्तरी दी.

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3. बम फेंकने के बाद भगत और बटुकेश्वर दत्त ने कई पर्चे फेंके, जिनमें लिखा था, 'बहरे कानों को सुनाने के लिए धमाकों की जरूरत होती है'.

4. दोनों ने वहां खड़े होकर इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए और अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी.

सौजन्य: NEWSFLICKS

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