ताजमहल से जुड़े 6 ऐसे अफवाह, जिसे दुनिया मानती है सच!

ताजमहल को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है. जहां इसे लेकर कई तर्क दिए जा रहे हैं. जानें ताजमहल से जुड़े कई अहम तथ्य...

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Tajmahal Tajmahal

ताजमहल को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी जारी है. कुछ दिनों से ताजमहल को लेकर कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं. इनमें से कुछ बातें सच हैं तो कुछ झूठ. इस विवाद के बीच aajtak.in आपको ताजमहल से जुड़े कुछ ऐसे सच बता रहा है, जिनको लेकर तरह- तरह की अफवाएं उड़ती है.

अफवाह: ताजमहल बनाने वालों के हाथ शाहजहां ने कटवा दिए थे.

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सच: शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ नहीं कटवाए थे. इतिहासकारों के मुताबिक, शाहजहां ने मजदूरों से जिंदगी भर की पगार देकर उन्हें आजीवन काम ना करने का वादा करवाया था.

अफवाह: ताजमहल एक शिव मंदिर है. इसे राजपूत राजा ने बनवाया था.

सच: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुताबिक, ताजमहल में शिव मंदिर होने के कोई सबूत नहीं है. शाहजहां द्वारा इसके निर्माण की बातें ही इतिहास के पन्नों में दर्ज है.

अफवाह: शाहजहां सफेद और काला ताजमहल बनवाना चाहता था और दोनों को एक पुल के जरिए जोड़ने की उसकी योजना थी.

सच: शाहजहां की ऐसी कोई योजना नहीं थी. इतिहासकारों के मुताबिक, ना तो किसी पुल के बारे में ऐसा कोई जिक्र मिलता है और ना ही काले ताजमहल के बारे में. यह केवल गढ़ी गई झूठी कहानियां है.

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अफवाह:19वीं सदी में ताजमहल यमुना नदी में डूब गया था और इसमें दरारें आई थीं.

सच: एएसआई के रिकार्ड्स में ताजमहल कभी भी यमुना में नहीं डूबा और ना ही इसमें दरारें आई.

अफवाह: हर कुछ घंटों में बदल जाता है ताजमहल का रंग.

सच: ताजमहल रंग नहीं बदलता यह मात्र कल्पना है. सूरज की किरणों से ये सुनहरा दिखाई देता है.

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