विमान यात्रा में सुरक्षा के उच्च मानक होते हैं, लेकिन कभी-कभी कारण विमान दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में दुर्घटना का पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में ब्लैक बॉक्स अहम भूमिका निभाता है. यह छोटा, मगर बेहद मजबूत उपकरण विमान के उड़ान और पायलट की बातचीत का पूरा रिकॉर्ड रखता है, जिससे क्रैश की पूरी कहानी उजागर होती है. ब्लैक बॉक्स ही वह उपकरण है जो विमान क्रैश के समय के हर तकनीकी और मानवीय पहलू को दर्ज करता है और जांचकर्ताओं को दुर्घटना के कारणों तक पहुंचने में मदद करता है. इसे आमतौर पर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कोकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) के रूप में जाना जाता है.
ब्लैक बॉक्स केवल नाम में “ब्लैक” होता है लेकिन असल में इसका रंग उज्ज्वल नारंगी या लाल होता है ताकि दुर्घटना स्थल पर इसे आसानी से खोजा जा सके. यह अत्यंत मजबूत और टिकाऊ बनाया जाता है, ताकि किसी भी हादसे में यह सुरक्षित रहे. उच्च तापमान, भारी दबाव, आग या पानी के बावजूद ब्लैक बॉक्स डेटा को सुरक्षित रखता है.
कैसे करता है काम?
ब्लैक बॉक्स का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की जांच में मदद करना है. किसी भी विमान दुर्घटना के बाद यही उपकरण बताता है कि विमान के क्रैश से पहले क्या हुआ, पायलट्स ने कौन से फैसले लिए और तकनीकी रूप से विमान किस स्थिति में था. इसके डेटा की मदद से भविष्य में सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाया जा सकता है और विमान यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है. इनमें-
कौन करता है ब्लैक बॉक्स की जांच ?
ब्लैक बॉक्स की जांच करने वाले लोग आमतौर पर एविएशन एक्सपर्ट्स और एयरक्राफ्ट क्रैश इन्वेस्टिगेटर्स होते हैं.
एविएशन एक्सपर्ट्स- ये लोग विमान के इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम की अच्छी जानकारी रखते हैं. साथ ही ये विमान की उड़ान डेटा, सेंसर और तकनीकी रिकॉर्ड को समझने में एक्सपर्ट्स होते हैं.
एयरक्राफ्ट क्रैश इन्वेस्टिगेटर्स- ये लोग दुर्घटना स्थल पर जाकर ब्लैक बॉक्स निकालते हैं. इसके बाद इसे लैब में सुरक्षित तरीके से डेटा की रिकवरी करते हैं.
कौन सा करते हैं कोर्स?
ब्लैक बॉक्स की जांच करने वाले लोग एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, एविएशन इंजीनियरिंग, एविएशन सेफ्टी, एविएशन मैनेजमेंट या स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग करते हैं. एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, एविएशन इंजीनियरिंग का कोर्स करीब 4 साल का होता है, जो एक ग्रेजुएशन प्रोग्राम है. ये विमान के डिजाइन, इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को समझने के लिए काम करते हैं. वहीं, एविएशन सेफ्टी, एविएशन मैनेजमेंट कोर्स एयरलाइन ऑपरेशन, सुरक्षा मानक और दुर्घटना की जांच पर काम करते हैं. कई देशों में ब्लैक बॉक्स रिकवरी और डेटा एनालिसिस अलग से सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध होते हैं.
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