आओ सीखें फिल्म एडिटिंग की एबीसीडी

अगर आप फिल्मों में दिलचस्पी रखते हैं और फिल्म एडिटिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं. जानिये क्या है फिल्म एडिटिंग में करियर बनाने का मूल मंत्र...

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मेधा चावला

  • नई दिल्ली,
  • 22 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

कभी आपने सोचा है कि बड़े पर्दे पर आप जिन फिल्मों को देखकर अपना मनोरंजन करते हैं, उसे बनाने में किन-किन लोगों ने कितनी मेहनत की है. कलाकारों, स्क्रिप्ट राइटर्स, डायलोग राइटर्स, एक्शन और कॉमेडी के अलावा एक फिल्म को बड़े पर्दे तक लाने में फिल्म एडिटर्स की बहुत बड़ी मेहनत होती है.
फिल्म की पटकथा चाहे जितनी अच्छी हो, वह तब तक दर्शकों के दिल को नहीं छू सकती, जब तक उसकी एडिटिंग अच्छी तरह न की गई हो. अगर आप भी फिल्म एडिटिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यहां कुछ टिप्स दिए गए हैं, जो इसमें आपकी मदद कर सकते हैं...

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काटें मगर ध्यान से
कभी टेलर को कपड़े काटते देखा है आपने. कपड़ा अगर जरा सा भी गलत कट जाए तो फिटिंग सही नहीं आ पाती. फिल्मों की एडिटिंग को आप इसी तरह समझ सकते हैं. किन सीन्स को काटना है, कहां एक्स्ट्रा इफेक्ट देना है, किन सीन्स को स्लो करना है आदि.
इन बातों की समझ जरूरी है. एडिटिंग करते हुए ये भी ध्यान रखें कि कोई महत्वपूर्ण डायलॉग तो नहीं कट रहा.


म्यूजिक
हिन्दुस्तानी फिल्मों में म्यूजिक और गानों का बड़ा महत्व है. दर्शक फिल्मों में सीन्स के साथ बैकग्राउंड म्यूजिक पसंद करते हैं और कहानी के बीच-बीच में गानों को भी. पर आपको यह समझना होगा कि गाने कहां और कब डालने हैं.
यही बात बैकग्राउंड म्यूजिक पर भी लागू होती है. अगर सीन बहुत स्ट्रॉन्ग है और आपको पूरा भरोसा है कि वह दर्शकों को बांधने में कामयाब होगा तो वहां सही बैकग्राउंड म्यूजिक डालकर आप उस सीन को और भी असरदार बना सकते हैं.
हां लेकिन साथ में इस बात का ख्याल भी रखें कि बैकग्राउंड म्यूजिक सीन्स के अनुरूप हो. मसलन, सीन कॉमेडी का है और वहां सैड म्यूजिक डाल दिया गया हो.

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आवाज और सीन्स मेल खाते हों
कई बार आपने ऐसा भी देखा होगा कि फिल्मी सीन्स आगे चल रहे हैं और आवाज बाद में आ रही है. फिल्म एडिटिंग में बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि आवाजें और सीन्स मैच करते हों.


एक ही तरह से न करें कट
एक सीन को कट करने के बाद दूसरे सीन को भी आप उसी तरह काटें ये जरूरी नहीं है. थोड़ा अलग करें. दूसरे एंगल्स को भी देखें. खासकर डायरेक्टर अगर अलग शॉट ले रहा है तो उसे अलग एंगल से कट करना ही बेहतर होगा.

पहले देखें, फिर काटें
फिल्म बनने के दौरान कई एंगल्स पर कैमरे लगे होते हैं. कुछ कैमरे मूव भी करते रहते हैं, खासतौर से एक्शन सीन्स में, सबसे ज्यादा कैमरों का इस्तेमाल होता है. ऐसे फिल्म एडिटिंग से पहले सभी कैमरों की फिल्म को देख लें और तभी एडिटिंग करें. एडिटिंग का यही सही तरीका है.


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