पहले टीम के साथ निकाला, फिर बॉस ने अकेले में बुलाकर दिया 'अजीब' ऑफर, टेक प्रोफेशनल ने सुनाई कहानी 

एक टेक प्रोफेशनल को 20 लोगों की टीम के साथ नौकरी से निकाला गया, लेकिन बाद में उसे अकेले 25,000 रुपये में वर्क फ्रॉम होम का ऑफर मिला. इस ऑफर में उसे फुल-स्टैक और मोबाइल डेवलपमेंट का सारा काम अकेले संभालना था. सोशल मीडिया पर इस घटना पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई, जिसमें लिखित ऑफर की सलाह, अन्य जॉब की तैयारी और बेहतर शहरों में शिफ्ट होने की सलाह शामिल है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

क टेक प्रोफेशनल ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए दावा किया है कि उसे उसकी पूरी टीम के साथ नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन बाद में बॉस ने उसे अकेले में बुलाकर 25,000 रुपये महीने पर 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) करने का एक चौंकाने वाला ऑफर दिया.

रेडिट (r/developersIndia) पर 'आज नौकरी चली गई, अब अकेले 25K में सब कुछ संभालने को कहा गया है' शीर्षक से साझा की गई इस पोस्ट में कर्मचारी ने अपने वर्कप्लेस के हालातों का जिक्र किया है.

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31 मार्च को मिली छंटनी की खबर
टेक प्रोफेशनल ने बताया कि 31 मार्च को उसके एम्प्लॉयर ने करीब 20 लोगों की टीम को सूचित किया कि प्रोजेक्ट्स की कमी के कारण कंपनी अब उन्हें रिटेन नहीं कर सकती. उन्हें बताया गया कि यह उनका आखिरी वर्किंग डे है. इतना ही नहीं, मालिक ने यह भी संकेत दिया कि शायद इस महीने की पूरी सैलरी भी न दी जाए.

अकेले में मिला 'अनपेक्षित' ऑफर
हैरानी की बात तब हुई जब टेक प्रोफेशनल को बाद में व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया. उसे 25,000 रुपये की सैलरी पर वर्क-फ्रॉम-होम का ऑफर दिया गया, जो उसकी पिछली 23,000 रुपये की सैलरी से थोड़ी ज्यादा थी.

लेकिन इस ऑफर के साथ जिम्मेदारियां बहुत बड़ी थीं. उसे अकेले ही फुल-स्टैक और मोबाइल डेवलपमेंट का सारा काम संभालने को कहा गया. कर्मचारी ने बताया, 'मैंने उससे कहा कि 25,000 रुपये के लिए यह वर्कलोड बहुत ज्यादा होगा.' हालांकि, खराब जॉब मार्केट और केवल 8 महीने का अनुभव होने के कारण उसने फिलहाल इस व्यवस्था के लिए सहमति दे दी है. अभी तक उसे कोई नया ऑफर लेटर भी नहीं मिला है.

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सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर अन्य यूजर्स ने कई तरह की सलाह दी हैं. एक ने कहा कि लिखित सबूत जरूरी है. एक यूजर ने चेतावनी दी कि केवल मौखिक आश्वासनों पर भरोसा न करें. बिना लिखित ऑफर के भविष्य में सैलरी बढ़ने के वादों की कोई वैल्यू नहीं है. कई लोगों ने सलाह दी कि इसे केवल एक 'अस्थाई सपोर्ट' की तरह देखें और साथ ही अन्य इंटरव्यू की तैयारी शुरू कर दें.

कुछ यूजर्स ने टियर-2 शहरों के जॉब मार्केट की चुनौतियों की ओर इशारा किया और बेहतर संभावनाओं के लिए बेंगलुरु जैसे शहरों में शिफ्ट होने की बात कही. कुछ लोग इस ऑफर के सख्त खिलाफ दिखे और उन्होंने फ्रीलांसिंग या अन्य विकल्पों पर ध्यान देने की सलाह दी.

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