क्या गलत नौकरी में फंस गए हैं? 30-30-30 रूल से समझें कैसे मिल सकती है दूसरी नौकरी

अक्सर लोगों को ये कहते सुना जाता है कि वो गलत नौकरी में फंस गए हैं या गलत प्रोफेशन में आ गए हैं. ऐसे में 30-30-30 रूल के जरिए आप इस परेशानी से बाहर आ सकते हैं

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30-30-30 नियम के जरिए करियर में ग्रोथ हासिल कर सकते हैं. (Photo: Pexels) 30-30-30 नियम के जरिए करियर में ग्रोथ हासिल कर सकते हैं. (Photo: Pexels)

रौशनी चक्रवर्ती

  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

लगता है शायद गलत प्रोफेशन में आ गया हूं... क्या मैं गलत जगह नौकरी कर रहा हूं! ये सवाल अक्सर आपने अपने आस पास दोस्तों को पूछते हुए सुना होगा या हो सकता है कि कभी आपके मन में ऐसे सवाल आते होंगे. इस स्थिति में आप करियर चेंज करना का डिसिजन भी नहीं ले पाते हैं और कई तरह के सवाल आपके फैसले के सामने आ जाते हैं. जो लोग करियर बदलना चाहते हैं, उन्हें उलझन रहती है कि शुरुआत कहां से की जाए. 

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बहुत से लोग या तो जरूरत से ज्यादा काम अपने हाथ में ले लेते हैं जिससे जल्दी ही थकावट हो जाती है, या फिर विश्लेषण की उलझन में फंसे रहकर कुछ भी नहीं करते. करियर मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि करियर बदलने में सबसे बड़ी बाधा प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि अस्थिरता है. यहीं पर 30-30-30 का नियम काम आता है, जिसके जरिए आप इन परेशानियों से निजात पा सकते हैं.  

होता क्या है कि 30-30-30 नियम?

दरअसल, इस रूल में ये बताया गया है कि आप किस तरह नए करियर की ओर से कदम बढ़ा सकते हैं. इसके लिए आपको हर रोज अपने डेली रुटीन से सिर्फ 90 मिनट निकालने होंगे. इसके बाद 90 मिनट को 30-30 मिनट के अंतराल में बांटना होगा. फिर इन 30-30 मिनट के गैप में प्लानिंग से नए करियर की तैयारी करना होगा. 

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- सबसे पहले 30 मिनट में आपको कुछ नया सीखने यानी लर्निंग पर ध्यान देना है. इसके अगले 30 मिनट आपको स्किल बिल्डिंग पर काम करना होगा और उसके अगले 30 मिनट तक नेटवर्किंग और खुद को प्रजेंट करने पर ध्यान देना होगा. इससे काफी ज्यादा फायदा मिलता है. अब इसे विस्तार से समझते हैं...

पहले 30 मिनट में क्या करें?

- ये 30 मिनट उन चीजों के लिए देना है, जिस फील्ड में आप जाना चाहते हैं.  ऐसे में आप अपनी मन की फील्ड में ऑनलाइन सेलेबस या ट्यूटोरियल से पढ़ाई कर सकते हैं. इसके साथ ही उस फील्ड की बारिकियों को जानने में खर्च कर सकते हैं. ऐसा करने से आपका डर कम होता है और आपको आगे की रास्ता साफ दिखाई देने लगता है. 

फिर 30 मिनट क्या करें?

30 मिनट पढ़ाई करने के बाद आप इस 30 मिनट में उससे जुड़ी कुछ ट्रेनिंग लें यानी उससे जुड़ा कुछ प्रेक्टिकल काम करें. जैसे कुछ स्टडी बनाएं, छोटे प्रोजेक्ट बनाएं, उस फील्ड से जुड़ा कुछ काम प्रेक्टिकल तौर पर करने की कोशिश करें. यहीं से आत्मविश्वास बढ़ता है. समय के साथ, आप न केवल करियर बदलने की इच्छा रखते हैं, बल्कि आप ऐसा करने में सक्षम भी हो जाते हैं. 

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अगले 30 मिनट बाद क्या करें?

आखिरी के 30 मिनट आपको ये काम करना होगा कि आप खुद को कैसे लोगों के सामने लाएंगे. कैसे लोगों से जुड़ेंगे. इसके लिए लिंक्डइन आदि से अपने नेटवर्क में विस्तार करें, कुछ इवेंट में हिस्सा लें, दुनिया में उस फील्ड को लेकर क्या चल रहा है, उस पर काम करें. 

30-30-30 का नियम क्यों काम करता है?

यह नियम इसलिए कारगर है क्योंकि ऐसे में आपकी नॉलेज योग्यता और अवसर सभी संतुलित रहेंगे. इससे तनाव दूर होगा और तरक्की होगी. असंतोषजनक भूमिकाओं में फंसे पेशेवर के लिए काम काम नियम साबित हो सकता है.
 

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