अगर आपको भी समुद्र से प्यार है और उससे जुड़े रहस्यों को जानने में दिलचस्पी रखते हैं, तो Oceanography आपके लिए एक शानदार करियर विकल्प हो सकता है. Oceanographer वे साइंटिस्ट होते हैं जो महासागरों और समुद्र से जुड़ी हर एक्टिविटी का अध्ययन करते हैं जैसे समुद्री की धाराएं, लहरें, जलवायु परिवर्तन और समुद्री जीव.
करना होता है ये काम
ओशनोग्राफर समुद्र से पानी और मिट्टी के नमूने को इकट्ठा कर उनका लैब में जांच करते हैं. उनका काम समुद्री प्रदूषण की जांच, मौसम और चक्रवात की भविष्यवाणी, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन और समुद्री संसाधनों के संरक्षण से जुड़ा होता है.
करनी होती है ये पढ़ाई
ओशनोग्राफर बनने के लिए 12वीं कक्षा साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स या बायोलॉजी) से पास करना जरूरी है. इसके बाद Oceanography, मरीन साइंस, Earth साइंस या Environmental Science में ग्रेजुएशन (B.Sc.) कर सकते हैं. इस फील्ड के बारे में और जानने और बेहतर अवसरों के लिए M.Sc. या PhD भी कर सकते हैं.
कहां मिलती है नौकरी?
ओशनोग्राफर को सरकारी रिसर्च संस्थानों, पर्यावरण विभाग, मौसम विभाग, तेल और गैस कंपनियों के साथ ही नौसेना में रोजगार के अवसर मिलते हैं. इसके अलावा समुद्री रिसर्च से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी करियर बनाया जा सकता है.
कितनी होती है सैलरी?
इस फील्ड में शुरुआती स्तर पर वेतन करीब 40 से 60 हजार रुपये प्रति माह हो सकता है. अनुभव के साथ ही यह बढ़ता जाता है, जो 1 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है.
आनी चाहिए ये स्किल्स
ओशनोग्राफर में करियर बनाना है तो कुछ स्किल्स आना बहुत जरूरी है. अगर आपको अपनी मातृभाषा के अलावा एक-दो और भाषाएं आती हैं, तो यह फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके साथ ही कंप्यूटर की नॉलेज जरूरी है. टीम में काम करने की क्षमता होनी चाहिए और अच्छी कम्युनिकेशन स्किल भी जरूरी है. अगर आपको नाव चलाना, सर्फिंग या स्कूबा डाइविंग जैसी चीजों का अनुभव है, ये फील्ड आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है.
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