अंतरराष्ट्रीय मंच पर करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के बीच इन दिनों NATO में नौकरी को लेकर आकर्षण देखा जा रहा है. डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, पॉलिसी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते अवसर इसे ग्लोबल करियर का एक मजबूत विकल्प बना रहे हैं. दुनिया के सबसे प्रभावशाली सैन्य-राजनीतिक गठबंधनों में गिने जाने वाले NATO के साथ काम करना न सिर्फ प्रोफेशनल ग्रोथ बल्कि अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर का भी बड़ा मौका माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारतीय युवा भी इस हाई-प्रोफाइल करियर का हिस्सा बन सकते हैं या यह अवसर अब भी सीमित दायरे में ही है?
क्या भारतीय युवा NATO में कर सकते हैं नौकरी?
NATO में नौकरी पाने के लिए सबसे बड़ी शर्त नागरिकता (Nationality) की होती है. NATO की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, केवल 32 सदस्य देशों के नागरिक ही सीधे आवेदन कर सकते हैं. यदि कोई व्यक्ति ड्यूल सिटिजनशिप रखते हैं और उसमें से एक NATO सदस्य देश की है, तो वह भी अप्लाई कर सकते हैं. इसका साफ मतलब है कि भारतीय नागरिक सीधे NATO में जॉब के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं.
किस तरह कर सकते हैं अप्लाई?
भारतीय युवाओं के लिए सीधे आवेदन करना संभव नहीं है लेकिन ऐसे कुछ रास्ते हैं जिसके चलते वे NATO में नौकरी कर सकते हैं.
NATO सदस्य देश की नागरिकता
अगर कोई भारतीय युवा कनाडा, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस जैसे NATO सदस्य देश की नागरिकता हासिल कर लेते हैं, तो वह आवेदन के योग्य हो सकते हैं.
इंटर्नशिप (सीमित विकल्प) NATO इंटर्नशिप प्रोग्राम 6 महीने का होता है और कई क्षेत्रों में अवसर देता है. लेकिन इसमें भी आमतौर पर सदस्य देशों की नागरिकता जरूरी होती है.
अप्रत्यक्ष अवसर (Embassy / Mission) NATO से जुड़े देशों के दूतावासों या मिशन में भारतीय काम कर सकते हैं. कुछ मामलों में पार्टनर कंट्री के रूप में सीमित अवसर मिल सकते हैं, लेकिन यह सीधे NATO भर्ती नहीं होती.
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होनी चाहिए ये स्किल्स
लेकिन अगर कोई व्यक्ति पात्र है और वह NATO में नौकरी करने के लिए तैयार है, तो उनके पास कुछ स्किल्स होनी जरूरी है. इनमें-
कैसे करते हैं आवेदन?
इसके लिए सबसे पहले NATO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. हर पद के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी होते हैं. चयन प्रक्रिया में वीडियो इंटरव्यू और लिखित परीक्षा शामिल हो सकती है.
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