इन दिनों AI से कई लोग डरे हुए हैं तो कई लोग इसका इस्तेमाल कर मोटी कमाई कर रहे हैं. टेक इंडस्ट्री में एक नया और तेजी से उभरता हुआ करियर सामने आया है. जैसे-जैसे AI कंपनियों में अपने पैर पसार रहा है वैसे-वैसे एआई प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की जरूरत बढ़ती जा रही है. यह जॉब प्रोफाइल AI के मॉडल्स पर बेस्ड है. खासतौर पर लार्ड लैंग्वेज मॉडल्स. प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स एक सटीक प्रॉम्प्ट डिजाइन करते हैं जिससे सही आउटपुट मिल सके. इसके अलावा वह अलग-अलग यूज के लिए प्रॉम्प्ट डिजाइन करते हैं जिससे उन्हें बेहतर जवाब मिल सके.
क्यों बढ़ रही है इनकी डिमांड?
कंपनियों में प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की डिमांड इसलिए बढ़ रही है क्योंकि हर क्षेत्र में AI टूल्स का यूज तेजी से बड़ रहा है फिर वह चाहे कंटेंट राइटिंग हो, कोडिंग हो या कस्टमर सपोर्ट. इन टूल्स से बेहतर और सटीक रिजल्ट पाने के लिए सही प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. यहीं पर प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की भूमिका अहम हो जाती है.
कैसे बन सकते हैं प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स?
AI के तेजी से बढ़ते यूज ने इस नौकरी की डिमांड भी बढ़ा दी है. ऐसे में अगर आप भी प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स बनना चाहते हैं, तो इसके लिए कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसे कोर्स कर सकते हैं. इसके साथ ही AI टूल्स की समझ को विकसित करें. इंग्लिश और लॉजिकल थिंकिंग मजबूत करें, प्रैक्टिस के जरिए बेहतर प्रॉम्प्ट लिखने की कोशिश करें और साथ ही बेसिक कोडिंग और डेटा की जानकारी रखें.
मिलती है मोटी सैलरी
इस क्षेत्र में सैलरी काफी आकर्षक है. इसके लिए शुरुआती पैकेज करीब 8 से 15 रुपये सालाना का हो सकता है. वहीं, एक्सपीरिएंस के साथ यह लगभग 20 से 40 लाख रुपये सालाना तक जा सकता है.
बन रहा है फ्यूचर करियर
बता दें कि AI के बढ़ते उपयोग के चलते हर इंडस्ट्री में ऑटोमेशन तेजी से हो रहा है. लेकिन इसमें जहां कमी आ रही है वह है लोगों की. इस क्षेत्र में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की कमी देखने को मिल रही है जिसके कारण प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
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