नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG परीक्षा के रिजल्ट और फाइनल आंसर की रिलीज़ कर दिए हैं. परीक्षा में पास हुए 9 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को अब काउंसलिंग शुरू होने का इंतजार हैं. NMC ने जानकारी दी है कि AIQ कोटा काउंसलिंग का प्रोसेस सितंबर के अंत अथवा अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा. कैंडिडेट्स अपने NEET Scorecard के आधार पर काउंसलिंग में शामिल होंगे और अपनी पसंद के मेडिकल कोर्सेज़ में दाखिला पा सकेंगे.
NEET परीक्षा में क्वालिफाई हुए कैंडिडेट्स को बता दें कि कम फीस वाले सरकारी कॉलेजों में एडमिशन पाने के लिए अच्छा नीट स्कोर हाेना जरूरी है. ऐसे में कैंडिडेट्स दूसरे देशों में पढ़ाई करने का ऑप्शन चुन सकते हैं. NMC द्वारा कई देशों की मेडिकल को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस लाइसेंस पाने के लिए मान्य दी गई है. ऐसे में छात्र उन देशों का चुनाव कर सकते हैं जहां की मेडिकल पढ़ाई और हॉस्टल का खर्च प्राइवेट भारतीय कॉलेजों से कम है.
किन देशों का कर सकते हैं चुनाव
मेडिकल एडमिशन एग्जिक्यूटिव रिया शर्मा ने बताया कि वैसे तो एब्रोड मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन छात्रों की पहली पसंद रहा है, मगर रूस-यूक्रेन की जंग के बाद अब छात्र अन्य देशों की तरफ अपना रुख कर रहे हैं. स्टूडेंट्स किर्गिस्तान, कजाकिस्तान या रूस में एडमिशन ले सकते हैं. रूस की सरकारी यूनिवर्सिटीज़ में छात्रों को NRI कोटे पर भी एडमिशन मिलता है जिसकी फीस बेहद कम होती है. कजाकिस्तान में कैंडिडेट्स 25 लाख के खर्च में पढ़ाई और हॉस्टल की फीस पूरी कर सकते हैं.
ये है जरूरी एलिजिबिलिटी
एब्रोड से मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए भी कैंडिडेट को NEET क्वालिफाइड होना जरूरी है. इस वर्ष के नीट रिजल्ट के आधार पर, अनारक्षित कैटैगरी के कैंडिडेट्स का स्कोर 117 से अधिक OBC कैंडिडेट्स का स्कोर 93 से अधिक होना चाहिए. इसके अलावा उम्मीदवार के पास अपने 10वीं, 12वीं की मार्कशीट-सर्टिफिकेट और पासपोर्ट होना भी जरूरी है.
एडमिशन पाने का तरीका
दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए कैंडिडेट्स को किसी वैध चैनल से अप्लाई करना होता है. कुछ यूनिवर्सिटीज़ के वेबसाइट पर उनके आवेदन का लिंक उपलब्ध रहता है जबकि कई यूनिवर्सिटी ईमेल के माध्यम से भी आवेदन लेती हैं. इसके लिए कैंडिडेट्स एडमिशन काउंसलर्स की मदद ले सकते हैं. ये कैंडिडेट्स को हॉस्टल और स्टडी वीज़ा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं.
कब शुरू होंगे सेशन
अलग-अलग देशों की यूनिवर्सिटी में सेशन अलग-अलग समय पर शुरू होते हैं. हालांकि, भारत में NEET परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद से एडमिशन का प्रोसेस शुरू हो जाता है. कैंडिडेट अपने नीट स्कोर और बजट के आधार पर अपने पसंद की एब्रोड यूनिवर्सिटी/कॉलेज का चयन कर सकते हैं.
रविराज वर्मा