पिछले कुछ महीनों से लगातार खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान और चीन द्वारा मिलकर बनाया गया JF-17 थंडर लड़ाकू जेट अचानक दुनिया भर में बहुत लोकप्रिय हो रहा है. कहा जा रहा है कि लीबिया के साथ तो बड़ा सौदा हो ही चुका है. सऊदी अरब, सूडान, बांग्लादेश व इंडोनेशिया के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है. अगर ये सभी सौदे हो जाएं तो पाकिस्तान को 10 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई हो सकती है.
लेकिन इन सारी खबरों को ध्यान से देखें तो एक सवाल बार-बार उठता है: क्या ये वाकई इतनी बड़ी कामयाबी है, या सिर्फ़ प्रचार और हाइप?
JF-17 थंडर की पुरानी कहानी
JF-17 थंडर को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर विकसित किया है. इसकी पहली उड़ान 2003 में हुई थी. 2010 तक यह पाकिस्तान वायुसेना में शामिल हो गया था. लगभग दो दशक बीत जाने के बावजूद इसका निर्यात बहुत सीमित रहा.
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अब तक सिर्फ तीन ग्राहक ही हैं...
दिलचस्प बात यह है कि चीन खुद, जो इस जेट का सह-निर्माता है, अपनी वायुसेना में एक भी JF-17 नहीं इस्तेमाल करता.
2025 के बाद अचानक बूम?
2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुआ था. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके जेटों ने कई भारतीय विमान (यहां तक कि राफेल भी) मार गिराए. इन दावों में JF-17 और चीनी J-10CE को श्रेय दिया गया. हालांकि भारत ने इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया.
इस संघर्ष के बाद से JF-17 की चर्चा ज्यादा होने लगी, लेकिन J-10CE को लेकर अभी तक कोई एक्सपोर्ट डील नहीं हुई है. फिर भी दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अचानक कई खबरें आईं कि JF-17 की मांग बहुत बढ़ गई है.
सभी बड़ी खबरें एक ही जगह से
ये सभी नई खबरें एक ही न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से आईं. खास बातें...
पांच में से तीन खबरें एक्सक्लूसिव थीं. पांच में से चार खबरों का बायलाइन एक ही पत्रकार का था: साद सईद (Saad Sayeed). सभी खबरें उच्च पदस्थ अनाम सूत्रों (highly-placed anonymous sources) पर आधारित थीं. इनमें से किसी भी सौदे की पाकिस्तान की सेना या ISPR (इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस) ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
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कुछ उदाहरण...
जो सवाल उठाता है
सभी खबरों में मुख्य जानकारी अनाम सूत्रों से. सेवानिवृत्त पाकिस्तानी अधिकारियों को अनौपचारिक रूप से ब्रीफ किया गया बताया गया, जो संवेदनशील बातचीत की जानकारी दे रहे हैं. एक खबर दूसरी पुरानी रॉयटर्स खबरों का हवाला देकर खुद को मजबूत दिखाती है. यानी सेल्फ-रेफरेंसिंग. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान भी दिया गया कि JF-17 की बिक्री से पाक को IMF लोन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
सवाल क्यों उठ रहे हैं?
JF-17 थंडर एक चौथी पीढ़ी का लड़ाकू जेट है. अजरबैजान जैसे सौदे से इसकी क्षमता साबित भी हुई है. लेकिन हाल की ये सारी खबरें जब तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो जातीं. इन्हें सावधानी से देखना चाहिए. अनाम सूत्रों की लगातार खबरें निश्चित रूप से हाइप और मार्केटिंग का हिस्सा लगती हैं.
ऋचीक मिश्रा