भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने 8 जनवरी 2026 को पूर्वी नौसेना कमान (Eastern Naval Command) की इकाइयों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने युद्धपोतों पर सवार होकर विभिन्न ऑपरेशनल गतिविधियों का निरीक्षण किया. नौसेना कर्मियों को संबोधित किया. यह दौरा भारतीय नौसेना की युद्ध तैयारियों और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने के संदेश को दिखाता है.
दौरा क्या था और क्या-क्या देखा?
एडमिरल त्रिपाठी ने पूर्वी नौसेना कमान की इकाइयों पर सवार होकर समुद्र में चल रहे अभ्यासों और ड्रिल्स को करीब से देखा. मुख्य गतिविधियां इस प्रकार थीं...
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यह सब पूर्वी नौसेना कमान के युद्धपोतों पर हुआ, जो बंगाल की खाड़ी में तैनात हैं. पूर्वी नौसेना कमान का मुख्यालय विशाखापत्तनम में है. यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नौसेना ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
नौसेना प्रमुख ने क्या कहा?
जहाजों पर मौजूद नौसेना कर्मियों को संबोधित करते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने पूर्वी नौसेना कमान की इकाइयों की तारीफ की...
उन्होंने कहा कि अच्छी तरह प्रशिक्षित और प्रेरित मानव संसाधन (नौसेना के जवान और अधिकारी) सबसे महत्वपूर्ण हैं. ये लोग ही आधुनिक हथियारों, सेंसरों और अनमैन्ड सिस्टम्स (ड्रोन, रोबोटिक व्हीकल्स) को पूरी तरह नेटवर्क्ड एनवायरनमेंट में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं.
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एडमिरल त्रिपाठी ने दोहराया कि ऐसी तैयारियां और प्रोफेशनलिज्म ही भारतीय नौसेना का मुख्य लक्ष्य है – भारत के राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करना, कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरीके से.
इस दौरे का महत्व क्यों?
भारतीय नौसेना पिछले कुछ सालों में तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है – नए युद्धपोत, पनडुब्बियां, ड्रोन और नेटवर्क्ड सिस्टम जोड़े जा रहे हैं. ऐसे दौरे यह सुनिश्चित करते हैं कि सब कुछ युद्ध स्तर पर तैयार रहे.
शिवानी शर्मा