पिछले हफ्ते सुपर साइक्लोन अम्फान की वजह से हुई तबाही के बाद पिछले 7 दिन से अल्पसंख्यक बहुल इलाके मेतियाबर्ज के नदियाल में बिजली और पानी की आपूर्ति नहीं होने से नाराज कुछ स्थानीय लोगों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था.
सड़क को अवरुद्ध किए जाने को लेकर तनाव बढ़ने पर दोनों गुटों के बीच लड़ाई शुरू हो गई. टीएमसी विधायक मोल्ला ने हस्तक्षेप करते हुए तनाव को कम करने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उन्हें बेरहमी से पीटा और घायल कर दिया.
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इस घटना के बाद मामला और हिंसक हो गया. यह लड़ाई जल्द ही भीड़ के हमले में बदल गई और फिर वहां की कई दुकानों और घरों में जमकर तोड़फोड़ की गई.
हिंसा भड़कने के बाद नदियाल पुलिस स्टेशन से जब पुलिस बल मौके पर पहुंची तो उन पर भी हमला किया गया. उन पर उग्र भीड़ द्वारा पुलिस पर ईंट फेंके गए, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी ईंटें फेंक कर उनको तितर-बितर करने की कोशिश की.
इस हिंसक झड़प में विधायक मोल्ला समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं.
हमले के लिए बीजेपी दोषीः मेयर
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने टीएमसी के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर हुए हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दोषी ठहराया.
मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें मारा गया और ईंट से चोट लगी है. घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि दो कॉलोनियों के बीच विवाद था और हम मामले को सुलझाने और हल करने की कोशिश कर रहे थे, अगर आप कानून का पालन नहीं करते और ईंटों से एक-दूसरे पर हमला करते हैं तो बीच में आने वाला तीसरा व्यक्ति घायल हो जाता है.
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उन्होंने कहा कि हम वहां लोगों को समझाने गए थे, लेकिन यह सारा मामला आरएसएस और बीजेपी की ओर से भड़काने पर भड़क गया. लोगों की समस्या बिजली थी, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सब सुनियोजित था. विधायक के रूप में वह अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए वहां गए थे. लोगों ने उन्हें मारा नहीं है, बल्कि दो गुटों की लड़ाई में उन्हें चोट लगी है. आरएसएस और बीजेपी सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है.स्थानीय विधायक मोल्ला के साथ एक कार्यालय कार्यकर्ता जमाल मुस्तफा ने कहा, ' जब मैंने उन्हें फोन किया तो उन्हें पूरे मामले का पता चला. उन्हें बताया कि समस्या बढ़ रही है, मैंने उन्हें तुरंत आने के लिए कहा.'
ईंट विधायक के चेहरे पर लगीः जमाल
जमाल ने कहा, 'विधायक सर ने तुरंत डीसी साहब को फोन किया. स्थानीय पुलिस प्रशासनिक निकाय भी वहां मौजूद था. सर, उनके अंगरक्षक और मैं मैदान की तरफ से जा रहे थे. जब हम वहां पहुंचे तो हमने आरएसएस की भारी भीड़ देखी, जिसने विधायक मोल्ला पर हमला कर दिया.'
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जमाल ने कहा, 'विधायक के अंगरक्षक ने तुरंत कार निकाली और उन्हें बाहर लेकर गया. मैं उनके साथ था. उनके अंगरक्षक, बिप्लब मंडल और मैंने उन्हें एक पुलिस पायलट कार के अंदर बैठाया, और फिर उन्हें मेडिकल सुपरस्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया. उन्हें इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया. वहां उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दी गई क्योंकि उनकी हालत वास्तव में खराब थी. उसके कान से खून बह रहा था. वो बुरी तरह से घायल हो गए थे. उसका हाथ, दाहिना पैर और उसका चेहरा, उसके होंठ चोटिल हो गए थे. ईंट सीधे उनके चेहरे पर लगी थी.'उसने बताया कि विधायक को AMRI कलकत्ता ले जाया गया और उन्हें इमरजेंसी विंग में भर्ती कराया गया. उनका सीटी स्कैन कराया जा रहा है. उनकी हालत खराब है. वे इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी चोट कितनी गंभीर है.
मनोज्ञा लोइवाल