पंचायत ने सुनाया गैंगरेप के बदले पांच जूते मारने का फरमान, पुलिस को नहीं लगी खबर

दो युवकों ने चाकू की नोंक पर महिला से गैंगरेप किया था और पुलिस के पास शिकायत करने पर उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी. पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है.

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गैंगरेप के बदले 5 जूते मारने का फरमान गैंगरेप के बदले 5 जूते मारने का फरमान

मोनिका शर्मा / अनूप श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 01 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

उत्तर प्रदेश के एक गांव में महिला के साथ हुए गैंगरेप के बाद पंचायत ने अपने फैसले में दोषियों को पांच जूते मारने की सजा सुनाई. दो युवकों ने चाकू की नोंक पर महिला से गैंगरेप किया था और पुलिस के पास शिकायत करने पर उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी. पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है.

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मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गढ़मुक्तेश्वर का है. यहां के सिंभावली क्षेत्र के एक गांव की पंचायत ने ये तुगलकी फरमान जारी किया है.

पीड़िता से लगवाए जूते
पंचायत ने फरमान तो खुद सुनाया लेकिन पीड़िता को हक दिया कि वो आरोपियों को 5 जूते मारे. इसके अलावा दोनों आरोपियों को पांच लाख रुपये दंड के तौर पर भरने के लिए भी कहा लेकिन न्याय करने वाले दोषियों के प्रति इतने संवेदनशील निकले कि एक आरोपी सवा लाख रुपये देकर सजा से बच गया तो दूसरे को रकम अदा न कर पाने की वजह से सरेआम जूते मारे गए.

थाने में मामला दर्ज
इस मामले को लेकर सिंभावली थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है लेकिन पुलिस ने पंचायत होने की जानकारी से इंकार कर रही है. इतना सब होने के बावजूद पुलिस को इस पंचायत तक की भनक तक नहीं लगी. मामला मीडिया के सामने आने के बाद पुलिस जांच की बात कह रही है.

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सिंभावली क्षेत्र के एक गांव की महिला कुछ दिन पहले मेडिकल स्टोर से दवा लेने गई थी. शुगर मिल गेट के सामने पड़ोस के दो युवकों ने लिफ्ट देने के बहाने और घर छोड़ने का वादा करके महिला को बाइक पर बिठा लिया. इसके बाद दोनों महिला को जंगल में ले गए और चाकू की नोंक पर उसका गैंगरेप किया.

दी थी बच्चों को जान से मारने की धमकी
आरोपियों ने महिलाओं को पुलिस से शिकायत करने पर उसके बच्चों को जान मारने की धमकी दी. घर पहुंचकर महिला ने परिजनों को आपबीती सुनाई. आरोपी गांव के दबंग बताए जाते हैं.


महिला से गैंगरेप करने वाले दोषी, गांव के दबंग हैं और उन्होंने ही मामले को थाने तक नहीं पहुंचने दिया. ग्रामीणों ने बताया की आरोपियों ने गांव के लोगों पर दबाव बना कर 29 दिसम्बर को गुपचुप पंचायत का आयोजन कराया. इसके बाद गुस्साए महिला के पति ने गांव के लोगों को साथ लिया और 24 दिसम्बर को मामला दर्ज कराया.

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