पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में फैसला कल, गुरमीत राम रहीम है आरोपी

Sirsa Journalist Murder case साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी ख़बरों को छाप रहे थे.

इस फैसले के मद्देनजर पंचकुला सीबीआई कोर्ट और जेल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है (फाइल फोटो)
परवेज़ सागर/सतेंदर चौहान
  • चंडीगढ़,
  • 10 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में 11 जनवरी को पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट फैसला सुनाएगी. इसी के मद्देनजर पंजाब और हरियाणा पुलिस ने अलर्ट जारी किया है. रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही होगी लेकिन फिर भी डेरा सच्चा सौदा, सुनारिया जेल और विशेष अदालत के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

पहले पुलिस डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की कोर्ट में पेशी को लेकर परेशान थी. लेकिन बाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही इस मामले में उसे पेश करने का फरमान जारी किया गया. जिससे पुलिस को राहत मिल गई लेकिन डेरा सच्चा सौदा, सुनारिया जेल और पंचकुला की विशेष अदालत की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित नजर आई. फौरन इन जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है.

पुलिस ने अदालत से लगाई थी गुहार

पुलिस को डर था कि अगर गुरमीत सिंह राम रहीम को पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में फिजिकली पेश किया गया तो ऐसे में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. डेरा समर्थक बेकाबू हो सकते हैं. इसी के चलते हरियाणा सरकार ने पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अपील की थी. जिसे अदालत ने मान लिया. कोर्ट ने पुलिस और सरकार को बड़ी राहत देते हुए राम रहीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने की इजाजत दे दी.

जज जगदीप सिंह ही सुनाएंगे फैसला

16 वर्ष पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह पूरी हुई है. अब इस मामले में 11 जनवरी को बड़ा फैसला आने की संभावना है. काबिल-ए-गौर है कि साध्वी दुष्कर्म मामले में गुरमीत सिंह राम रहीम को सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह ही इस हत्याकांड में फैसला सुनाएंगे.

जेल, डेरा और कोर्ट बने छावनी

पंचकुला हिंसा से सबक लेते हुए हरियाणा पुलिस इस बार खासी चौकसी बरत रही है. इसी के मद्देनजर पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. इसी तरह से हरियाणा के रोहतक जिले में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. खासकर रोहतक की सुनारिया जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है. इसी तरह से सिरसा के डेरा सच्चा सौदा को भी छावनी बना दिया गया है. सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों ने वहां फ्लैगमार्च भी किया.

मालवा में भारी सुरक्षा बल तैनात

पंजाब का मालवा क्षेत्र गुरमीत सिंह राम रहीम के प्रभाव वाला बड़ा इलाका है. यहां उनके समर्थकों की बड़ी तादाद है. इसी के मद्देनजर वहां के 8 जिलों में सुरक्षा बलों की 25 कंपनियां तैनाती की गई हैं. इसके अलावा बठिंडा और मानसा जिले में करीब 15 कंपनियों के 1200 जवान तैनात किए गए हैं. ये दोनों जिले अति संवदेनशील माने जाते हैं. इसी प्रकार से फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, और फाजिल्का में 10 कंपनियों के 700 जवान तैनात किए गए हैं. सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी कोटकपूरा, जैतो, बाघा पुराना और मोगा में तैनात किए गए हैं. बरनाला में 150 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. जबकि बरनाला के बाजाखाना रोड और धनौला रोड स्थित डेरे से जुड़े नामचर्चा घरों के बाहर 50-50 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड

डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले का आरोपी है. यह हत्याकांड 16 साल पुराना है. दरअसल, 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी ख़बरों को छाप रहे थे. पत्रकार के परिवार ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. उनकी याचिका पर अदालत ने इस हत्याकांड की जांच नवंबर 2003 को सीबीआई के हवाले कर दी थी. 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते हुए डेरा मुखी गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था. पिछले सप्ताह इस मामले में कोर्ट सुनवाई पूरी कर ली. अब 11 जनवरी को इस मामले पर फैसला आने की उम्मीद है.

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