अलवर गैंगरेप केसः दलितों का गुस्सा बढ़ा, चंद्रशेखर भी पहुंचे, घिर गई है गहलोत सरकार

राजस्थान के अलवर में 2 मई को एक दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. अभी तक इस मामले में 5 लोग गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी की पहचान महेश गुर्जर और पांचवें आरोपी की पहचान हंसराज गुर्जर के रूप में हुई है.

इस घटना को लेकर दलित समाज में खासा रोष है (फोटो- शरत कुमार)
परवेज़ सागर/शरत कुमार
  • अलवर,
  • 09 मई 2019,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

राजस्थान के अलवर जिले में दलित युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इसको लेकर दलित समुदाय का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर ने दलित युवती के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार करने की मांग की है. उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी मांग भी उठाई है. वहीं, इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

इस मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी की पहचान महेश गुर्जर और पांचवें आरोपी की पहचान हंसराज गुर्जर के रूप में हुई है. इससे पहले पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. इन आरोपियों के नाम इन्द्राज गुर्जर, अशोक गुर्जर और मुकेश गुर्जर हैं. इसके अलावा मामले में आरोपी छोटे लाल गुर्जर और हंसराज गुर्जर की तलाश जारी है. पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने बताया कि अलवर गैंग रेप मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है.

आपको बता दें कि अलवर जिले के थानागाजी थाने में 2 मई को दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. उधर, अलवर पहुंचे भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि अलवर जिले के थानागाजी में घटित एक दलित युवती के साथ गैंगरेप का मामला बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय है. आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए.

चंद्रशेखर ने कहा कि राजस्थान के अलवर जिले में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन अधिकारी लापरवाह नजर आते हैं. उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर आक्रोश जताते हुए कहा कि जो काम पुलिस अधिकारियों को करना चाहिए वह काम पीड़ितों ने किया है. आरोपियों के नाम पते मोबाइल सब पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को दिया गया है.

चंद्रशेखर ने अलवर के पुलिस अधीक्षक का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी पक्ष के लोग पुलिस अधीक्षक अलवर को फोन करते हैं और धमकाते हैं. और पुलिस अधीक्षक अपने आप को असहाय बताते हैं. ऐसे पुलिस अधीक्षक का स्थान जेल में है और उन्हें जेल मिलनी चाहिए. रावण ने आरोप लगाया कि पैसे के लालच में ऐसे पुलिस अफसरों ने अपना जमीर बेच दिया है. रावण ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तो वे राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर आंदोलन करेंगे.

दूसरी ओर महिला विकास एवं समाज अधिकारिता मंत्री ममता भूपेश ने थानागाजी के पीड़ित परिवार से मुलाकात की. संपूर्ण घटना की जानकारी भी ली. बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी प्राथमिकता सबसे पहले पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ है. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले में तुरंत एक्शन लिया और एसपी को एपीओ कर दिया जबकि थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है.

राज्य की मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है और जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें धरना प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. सरकार की भी मंशा साफ है, जो भी इस मामले में दोषी हैं. उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. 3 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. शेष 2 लोगों की गिरफ्तारी बाकी है.

श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही और मिली भगत सामने आई है. जांच की जा रही है. उनकी कॉल डिटेल निकलवाकर इन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और दोषियों के खिलाफ जो भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, वह की जाएगी. राजस्थान सरकार ने पीड़ित परिवार को फौरन आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है. मंत्री ने बताया कि दो-तीन दिन में बाकी दो तीन आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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