पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के पंजाब सूबे में फिर से उग्रवाद के जिन्न को जीवित करना चाहती है. ISI पाक में बैठे हरप्रीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी और लखबीर सिंह रोडे नाम के खालिस्तानी उग्रवादियों के जरिए पंजाब की जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों से संपर्क साध रही है.
पंजाब सरकार के खुफिया सूत्रों की मानें तो जेल में बंद धर्मेंद्र सिंह गुगनी, गुरप्रीत सिंह सेखों, हैरी चठा और सूखा भिखारी जैसे गैंगस्टरों से संपर्क साध रही है. आईएसआई की इस शातिर चाल का खुलासा गुरप्रीत सिंह सेखों से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में हुआ है.
जेल में बंद इस गैंगस्टर के पास से एक स्मार्टफ़ोन भी बरामद किया गया है. सूत्रों की मानें तो गुरप्रीत सेखों पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी उग्रवादी हरप्रीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी के संपर्क में है. हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग के अलावा राज्य में फिर से उग्रवाद को जिंदा करना आईएसआई की नई चाल का हिस्सा है.
सूत्रों के मुताबिक बरगाड़ी में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर प्रदर्शन कर रहे कुछ कथित धार्मिक नेताओं, जेल में बंद गैंगस्टरों और खालिस्तानी उग्रवादियों का गठजोड़ आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है. भारतीय सेना का खुफिया विंग भी राज्य सरकार को आगाह कर चुका है कि पंजाब के गैंगस्टर खालिस्तानी और कश्मीरी उग्रवादियों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
जालंधर के एक शिक्षण संस्थान से गिरफ्तार अंसार गजावत उल हिंद नामक संगठन से ताल्लुक रखने वाले तीन कश्मीरी छात्रों की गिरफ्तारी और उनसे बरामद AK-47 राइफल और विस्फोटक इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई कश्मीरी छात्रों के जरिए भी उग्रवाद के जिन्न को जिंदा करने की कोशिश कर रही है.
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुताबिक राज्य पुलिस उग्रवाद से निपटने के लिए तत्पर है और देश विरोधी गतिविधियों पर बराबर नजर रखी जा रही है.
परवेज़ सागर / मनजीत सहगल