बिहार में अपराधियों के बीच कानून का खौफ खत्म होने की एक और तस्वीर शनिवार को सामने आई. तीन दिन पहले किडनैप हुए एक डॉक्टर के बेटे का शव बरामद हुआ है.
घटना पटना के करीब दानापुर इलाके की है, जहां गुरुवार शाम होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. शशि भूषण प्रसाद गुप्ता के 15 वर्षीय बेटे सत्यम को अपहरणकर्ताओं ने कोचिंग जाते वक्त अगवा कर लिया था. सत्यम दानापुर के बीबीगंज में कोचिंग के लिए जा रहा था.
जब देर शाम तक सत्यम वापस घर नहीं लौटा तो परिवारवालों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस में उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. अपहरणकर्ताओं ने उसे लिया, इस बात की जानकारी परिजनों को तब मिली जब शुक्रवार की सुबह अपहरणकर्ताओं ने उसकी रिहाई के लिए ₹50 लाख की फिरौती के लिए फोन किया.
डॉ शशिभूषण प्रसाद गुप्ता ने बेटे के अपहरण होने की जानकारी रूपसपुर थाने में दी जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. अपहृत सत्यम को तलाश करने के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया और जगह-जगह छापेमारी भी की गई.
इसी क्रम में शुक्रवार रात को पुलिस ने सत्यम के दोस्तों से भी पूछताछ की और उनके यहां छापेमारी की. इस दौरान पुलिस को सुराग मिला कि इस बात की संभावना है कि सत्यम की उसी के दोस्तों ने अपहरण करने के बाद कर दी. जिसके बाद उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया.
सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं दोनों दोस्तों के निशानदेही पर शनिवार की सुबह सत्यम का शव रूपसपुर के आरपीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे की झाड़ियों से बरामद किया गया. जानकारी के मुताबिक पुलिस पूछताछ में इन दोनों लड़कों ने कबूल किया कि अपने साथियों के साथ मिलकर इन लोगों ने पहले सत्यम का किया और उसके बाद फिरौती के लिए उसके परिवार वालों को फोन भी किया और बाद में उसकी हत्या कर दी.
सिटी एसपी ने की मामले की पुष्टि
इस सनसनीखेज मामले पर पटना सिटी एसपी रविंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने सत्यम के दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि इस घटना में शामिल तीन और दोस्तों की तलाश जारी है. सिटी एसपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सत्यम को उसके दोस्तों ने फिरौती के लिए ही अगवा किया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी. दूसरी तरफ पटना के आईजी नैयर हसनैन खान ने रूपसपुर थाना के प्रभारी दीपक कुमार को निलंबित कर दिया है.
सना जैदी / रोहित कुमार सिंह