स्कूल जाते वक्त खुले सीवर होल में गिरी 4 साल की मासूम, ऐसे बची जान

नोएडा प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही एक मासूम बच्ची को उस वक्त भारी पड़ गई, जब वह स्कूल जाते वक्त एक खुले सीवर मैनहोल में जा गिरी. गनीमत रही कि बच्ची की मां और आस-पास के लोगों ने बच्ची को फौरन बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली. पीड़ित बच्ची के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है.

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अगर बच्ची को निकालने में ज़रा भी देर हो जाती तो अनहोनी को टालना मुश्किल था अगर बच्ची को निकालने में ज़रा भी देर हो जाती तो अनहोनी को टालना मुश्किल था

परवेज़ सागर / तनसीम हैदर

  • नोएडा,
  • 03 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST

नोएडा प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही एक मासूम बच्ची को उस वक्त भारी पड़ गई, जब वह स्कूल जाते वक्त एक खुले सीवर मैनहोल में जा गिरी. गनीमत रही कि बच्ची की मां और आस-पास के लोगों ने बच्ची को फौरन बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली. पीड़ित बच्ची के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है.

वारदात नोएडा के थाना सेक्टर-49 की है. नोएडा में तेजी से चमकदार बहुमंजिला इमारतें तो बन रही हैं, लेकिन सच ये है कि सोसायटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा किए बिना ही लोगों को रहने के लिए फ्लैट दे दिए गए हैं. मगर न तो वहां बिजली के तारों के बॉक्स लगे हैं और न ही सीवर के मैनहोल पर ढक्कन.

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इसी बात का खामियाजा नोएडा के सेक्टर-74 स्थित केप टाउन सोसायटी के टावर सीवी-5 में रहने वाली 4 वर्ष की मासूम बच्ची को भुगतना पड़ा. वह मंगलवार की सुबह अपनी मां के साथ स्कूल जाने के लिए घर से निकली और सोसायटी के मुख्य द्वार के पास खुले सीवर के मैनहोल में गिर गई.

बच्ची के मैनहोल में गिरते ही उसकी मां जोर से चिल्लाई. आसपास मौजूद लोग और सोसायटी के गार्ड भागते हुए मौके पर पहुंच गए और बच्ची को किसी तरह बाहर निकाला. इस हादसे में बच्ची की जान तो बच गई, लेकिन इस घटना से नोएडा प्राधिकरण की पोल खुल गई.

घटना के बाद आनन-फानन सोसायटी के सुरक्षाकर्मियों ने सीवर पर ढक्कन लगाकर घटना को छुपाने की कोशिश की. लेकिन, इस घटना से नाराज सोसायटी के लोगों ने इसकी शिकायत थाना सेक्टर-49 पुलिस से की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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परिजनों का कहना है कि ये सीवर होल पिछले तीन महीने से खुला पड़ा है और लोगों को घटना होने की दावत दे रहा था. लेकिन जब ये हादसा हो गया तो उसे तुरंत बंद कर दिया गया. बच्ची की मां ने बताया कि अगर वो वहां मौजूद नहीं होती तो बच्ची डूब जाती और उसे निकालना मुश्किल हो जाता.

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