नोएडा प्राधिकरण का अरबपति इंजीनियर सस्पेंड, VIP नंबर की कारें बरामद, छापे जारी

नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर बृजपाल चौधरी की अरबों की संपत्ति का खुलासा होने के बाद प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. चौधरी के निलंबन की कार्रवाई आय से अधिक संपति रखने के मामले में छापेमारी और संपत्ति के खुलासे के बाद की गई.

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आयकर विभाग की टीम आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में बृजपाल के खिलाफ कार्रवाई कर रही है आयकर विभाग की टीम आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में बृजपाल के खिलाफ कार्रवाई कर रही है

परवेज़ सागर

  • नोएडा,
  • 08 जून 2018,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर बृजपाल चौधरी की अरबों की संपत्ति का खुलासा होने के बाद प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. चौधरी के निलंबन की कार्रवाई आय से अधिक संपति रखने के मामले में छापेमारी और संपत्ति के खुलासे के बाद की गई.

हरियाणा में भी संपत्ति

सूत्रों के मुताबिक नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर ही नहीं बल्कि फरीदाबाद के सेक्टर-91 में भी बृजपाल चौधरी का आलीशान बंगला है. नोएडा के सेक्टर 52 में 450 वर्ग मीटर जमीन पर उसका मकान है. सेक्टर 33 में तीन मंजिला मकान है तो सेक्टर 63 के सी ब्लॉक में 1000 वर्ग मीटर के प्लॉट में कंपनी है. सेक्टर 63 में ही मोती महल भवन, ममूरा में 6000 वर्ग मीटर जमीन और भंगेल सेक्टर 110 में रामा बैंक्वेट हॉल भी उसी का है.

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इसी तरह पिलखुवा में दिल्ली वन पब्लिक स्कूल और मोदीनगर में बृजपाल के एक बड़े कृषि फार्म का भी खुलासा हुआ है. आयकर विभाग ने बृजपाल चौधरी और उनके परिजनों के सारे बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सभी बैंक खातों से लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

लक्जरी कार और वीआईपी नम्बरों का शौकगुरुवार को आयकर विभाग की रेड के दौरान बृजपाल के घर से तीन लग्जरी कारें बरामद हुई हैं. जिनके अंदर से कई कागजात भी बरामद हुए हैं. तीनों कारों के नंबर वीआईपी हैं. मर्सिडीज नंबर UP16 AY 6666 है तो हुंडई क्रेटा गाड़ी का नम्बर भी UP16 BD 6666 है. जबकि उसकी एक फार्चुय्नर का नम्बर UP16 AV 6666 है. दो गाड़ियों पर उत्तर प्रदेश सरकार भी लिखा हुआ है. ये रसूख है नोएडा के इस इंजीनियर का.

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दस घंटे से ज्यादा चली छापे की कार्रवाई

बताते चलें कि गुरुवार को आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को नोएडा के असिस्टेट प्रोजेक्ट इंजीनियर बृजपाल चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की तो अरबों की संपत्ति का खुलासा हुआ. छापेमारी की कार्रवाई करीब दस घंटे तक चली. इस दौरान करोड़ों-अरबों की बेनामी और नामी संपत्ति के कागजात सीज किए गए हैं.

आयकर विभाग की टीम बृजपाल चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई कर रही है. उसी के चलते गुरुवार को इनकम टैक्स विभाग के 15 अधिकारियों की टीम ने इंजीनियर बृजपाल चौधरी के घर और ठिकानों पर छापे मारी की. हैरानी की बात है कि टीम को पैसों के लेखे-जोखे के लिए मौके पर प्रिंटर मशीन और तमाम साजो-सामान मंगवाने पड़ गए.

टीम ने सुबह 7 बजे चौधरी के घर पर छापा मारा था और सिर्फ घर में मौजूद कागजात पैसे और गहनों की पड़ताल में टीम को 10 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया. बृजपाल के घर, होटलों और फार्म हाउस पर इन्कम टैक्स की टीम ने दिन भर छापेमारी की और करोड़ों-अरबों की बेनामी और नामी संपत्ति के कागजात सीज किए.

बृजपाल ने अपनी काली कमाई का काफी पैसा कई दूसरी कंपनियों और होटलों में भी लगा रखा है. जिसके कागजात बरामद हुए हैं. 1981 में बतौर जूनियर इंजीनियर नोएडा प्राधिकरण में भर्ती होने के 20 साल तक बृजपाल को कोई प्रमोशन नहीं मिला. लेकिन रिश्वतखोरी और काली कमाई से करोड़पति इंजीनियर होने का प्रमोशन उसे जरूर मिलता रहा.

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इनकम टैक्स विभाग को छापे के दौरान नोएडा में बृजपाल की करोड़ों की 3 कोठियों का पता चला है साथ ही कई कंपनियों में उसके शेयर की जानकारी भी मिली है. घर में छापेमारी के दौरान बृजपाल का पूरा परिवार घर के अंदर ही मौजूद रहा.

बृजपाल ने पूछताछ में नोएडा के सेक्टर 50 और 51 में भी अपनी करोड़ों की कोठी होने का खुलासा किया है. आयकर विभाग की टीम ने वहां पर भी रेड की. इसके अलावा सेक्टर 61 में एक होटल, कई शहरों में फैक्ट्री और नोएडा बुलंदशहर और गाजियाबाद में कई प्लॉट होने की जानकारी भी टीम को मिली है. बृजपाल ने काली कमाई से नोएडा, गाजियाबाद समेत कई जगह फार्म हाउस बना रखे हैं.

आयकर विभाग बृजपाल के बैंक अकाउंट भी खंगाल रहा है. फिलहाल जांच होने तक उसके खाते सीज कर दिए गए हैं. इतना ही नहीं उसकी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट पर भी विभाग की नजर है. सूत्रों के मुताबिक पिछली सरकारों में बृजपाल का राजनीति रसूख भी था. इसी रसूख के चलते उसने प्राधिकरण में अपने कई रिश्तेदारों को ठेके दिलवाए. जिनमें से एक ठेकेदार से भी पूछताछ चल रही है.

बृजपाल ने राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर नोएडा प्राधिकरण में कई लोगों को नौकरी पर रखवाया और करोड़ों कमाए. बृजपाल 3 बार नोएडा इम्पलॉइज एसोसिएशन का अध्यक्ष भी रह चुका है. बृजपाल दिसंबर 2018 को रिटायर होने वाला है. लेकिन इसके पहले ही आयकर विभाग को इसकी अवैध संपत्तियों को पता चला. जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई. तब जाकर ये सारी कार्रवाई शुरू की गई.

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