'मां के लिए खून चाहिए...', शख्स ने ऐप पर किया पोस्ट, डोनेशन के लिए सामने आए युवक ने लगाया चूना

दिल्ली में बल्ड डोनेशन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. आरोपी ठग ने अपना रजिस्ट्रेशन एक ब्लड डोनेशन ऐप पर करा रखा था. जब लोग उससे संपर्क करते थे तो वह रक्तदान के बदले उनसे पैसों की डिमांड करता था. लोगों से पैसे लेने के बाद भी आरोपी कभी ब्लड डोनेशन करने नहीं जाता था.

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Arrest Arrest

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:41 AM IST

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो रक्तदान के नाम पर लोगों के साथ ठगी करता था. आरोपी ठग ने अपना रजिस्ट्रेशन एक ब्लड डोनेशन ऐप पर करा रखा था. जब लोग उससे संपर्क करते थे तो वह रक्तदान के बदले उनसे पैसों की डिमांड करता था. लोगों से पैसे लेने के बाद भी आरोपी कभी ब्लड डोनेशन करने नहीं जाता था.

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पुलिस के मुताबिक रक्तदान के नाम पर ठगी करने वाले शख्स का नाम साहिल कुमार (22) है. वह दिल्ली के त्रिलोकपुरी का रहने वाला है. दरअसल, पुलिस को एक शिकायत मिली थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसकी मां पटपड़गंज के अस्पताल में भर्ती थीं, उसे उनके लिए चार यूनिट खून की जरूरत थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने एक सोशल मीडिया ऐप पर अनुरोध किया था.

आखिरी वक्त पर फिर मांगे पैसे

सोशल मीडिया ऐप पर अनुरोध करने के बाद आरोपी साहिल ने पीड़ित से संपर्क किया. आरोपी ने उससे प्रति यूनिट के हिसाब से 200 रुपए की मांग की. इसके बाद पीड़ित ने साहिल को 4 यूनिट के 800 रुपए का भुगतान किया. पुलिस के मुताबिक जब डॉक्टरों ने खून की मांग की तो पीड़ित ने साहिल से संपर्क किया, लेकिन साहिल ने खून मुहैया कराने की जगह उससे एक हजार रुपए की और मांग की.

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छापेमारी कर किया गिरफ्तार

जब पीड़ित को आरोपी पर शक हुआ तो उसने पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन आरोपी साहिल ने पीड़ित का फोन नहीं उठाया और अपना फोन बंद कर दिया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच कर आरोपी की पहचान की. पुलिस उपायुक्त (बाहरी जिला) जिम्मू चिरम ने कहा कि उसकी लोकेशन त्रिलोकपुरी में पाई गई, जिसके बाद छापेमारी की गई और कुमार को पकड़ लिया गया.

ब्लड डोनेट करने कभी नहीं गया

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने नोएडा में एक फार्मा लैब में काम किया, जहां उसे पता चला कि एक ऐप पर पंजीकरण करके रक्तदान किया जा सकता है. पुलिस ने कहा कि उसने ऐप पर एक अकाउंट बनाया. इसके बाद उसे रक्तदान के लिए फोन आने लगे. वह लोगों से अस्पताल पहुंचने के लिए पैसे की मांग करने लगा, हालांकि वह कभी भी रक्तदान करने अस्पताल नहीं पहुंचा.

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