दिल्ली: टैटू ने खोला कत्ल का राज़, पीट-पीटकर हत्या करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

किसी अंजान शख्स ने दिल्ली पुलिस को फोन किया और बताया कि तुगलकाबाद किले के जंगल में एक बैग लावारिस हालत में पड़ा है. जिसमें किसी की लाश है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई.

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पुलिस मृतक की पहचान कर कातिलों तक जा पहुंची (फोटो- हिमांशु) पुलिस मृतक की पहचान कर कातिलों तक जा पहुंची (फोटो- हिमांशु)

हिमांशु मिश्रा / परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 9:54 PM IST

  • टैटू से हुई मरने वाले की शिनाख्त
  • दुकान के विवाद में की गई थी हत्या
  • चार दोस्तों ने जंगल में फेंकी थी लाश

दिल्ली पुलिस ने एक टैटू की मदद से कत्ल का एक संगीन मामला सुलझा लिया है. दरअसल, हाथ पर बने टैटू की मदद से दक्षिण पूर्वी दिल्ली पुलिस ने न सिर्फ लाश की पहचान की बल्कि उसके कातिलों तक भी जा पहुंची. पुलिस ने 9 दिन पहले हत्या की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले चार आोरपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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मामला दक्षिण पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी थाना इलाके का है. जहां तुगलकाबाद किले के जंगल में एक अज्ञात शख्स की लाश मिली थी. दरअसल, बीती 3 अगस्त को किसी अंजान शख्स ने दिल्ली पुलिस को फोन किया और बताया कि तुगलकाबाद किले के जंगल में एक बैग लावारिस हालत में पड़ा है. जिसमें किसी की लाश है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई.

पुलिस ने जब वहां पड़ा बैग खोल कर देखा तो उसके अंदर एक लाश मौजूद थी. लेकिन लाश के आस-पास ऐसा कोई सुराग नहीं था, जिसके जरिये मरने वाले की पहचान हो पाती. पुलिस को मौके पर लाश की हालत देखकर शक हो गया था कि कत्ल पीट-पीटकर किया गया है. तभी एक पुलिस वाले कि निगाह लाश के हाथ पर पड़ी, जहां एक टैटू बना हुआ था.

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हालांकि वो टैटू भी साफ नजर नहीं आ रहा था, लेकिन उसी टैटू के निशान से पुलिस ने मृतक की पहचान कर ली. तफ्तीश में पुलिस को पता लगा कि मरने वाले का नाम झिनकू था. वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का रहने वाला था. झिनकू दिल्ली में एक किराए की दुकान में कबाड़ का काम करता था. लेकिन पुलिस को ये समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कोई झिनकू का कत्ल क्यों करेगा.

पुलिस की जांच जारी थी. इसी बीच पुलिस को ख़बर मिली कि जो दुकान झिनकू चलता था, वो गौतम नाम के किसी शख्स की थी. गौतम अपनी दुकान वापस मांग रहा था. झिनकू ऐसा करने के लिए राजी नहीं था. लिहाजा गौतम ने झिनकू को रास्ते से हटाने का मन बना लिया. इसी दौरान 3 अगस्त की रात झिनकू का गौतम, रामजी, कौशल और भगीरथ के साथ झगड़ा हुआ था.

झिनकू अकेला था और वो चार थे. बस गुस्से में आकर चारों ने मिलकर झिनकू को इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई. अब सबसे बड़ी परेशानी थी लाश को ठिकाने लगाने की. लिहाजा, सबने मिलकर तय किया कि लाश को तुगलकाबाद किले के जंगल में ठिकाने लगा दिया जाए. इसके बाद वो चारों लाश लेकर जंगल में पहुंचे और लाश एक बैग में डालकर वहां फेंक दी. इसके बाद चारों फरार हो गए. अब घटना के 9 दिन बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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