दिल्ली में पकड़ा गया शातिर अपराधी, चोरी के 143 मोबाइल फोन बरामद

पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को पकड़ा है, जो चोरी के मोबाइल का कारोबार करता था. आरोपी चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर यूपी के मथुरा, कोसीकलां, और राजस्थान के भरतपुर, अलवर के अलावा हरियाणा के मेवात समेत कई राज्यों में बेचा करता था.

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  पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है

तनसीम हैदर / परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2020,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST
  • 16 साल की उम्र में रखा जुर्म की दुनिया में कदम
  • सूचना मिलने पर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को पकड़ा है, जो चोरी के मोबाइल का कारोबार करता था. आरोपी चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर यूपी के मथुरा, कोसीकलां, और राजस्थान के भरतपुर, अलवर के अलावा हरियाणा के मेवात समेत कई राज्यों में बेचा करता था. पुलिस की गिरफ्त में आया अपराधी गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके का रहने वाला है.

ईस्ट दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है. 25 वर्षीय आरोपी का नाम निजाम शेख है. वह उन अपराधियों के संपर्क में रहता था, जो चोरी या स्नैचिंग करके मोबाइल फोन उसे बेचा करते थे. फिर इस तरह के मोबाइल को आगे बेचे जाते थे. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 143 मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है.

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दरअसल, ईस्ट दिल्ली पुलिस को सूचना मिल रही थी कि लॉकडाउन के दौरान मोबाइल स्नेचिंग जैसी वारदातें हो रही हैं. दूसरी तरफ सूचना थी कि ये मोबाइल आगे बेचे जा रहे हैं. इसी दौरान पुलिस को पता चला कि इस गैंग से जुड़ा एक शातिर अपराधी इलाके में आने वाला है. उस इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

ईस्ट दिल्ली के डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि आरोपी निज़ाम पहले तैमूर नगर की झुग्गियों में रहता था. वह 16 साल की उम्र में शादियों में वेटर का काम करता था. बाद में उसने ड्राइविंग सीखी. लेकिन उसका लाइसेंस नहीं बन पाया. इसी के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा. आरोपी ड्राइविंग के दौरान ही उन अपराधियों के संपर्क में आया था, जो चोरी का मोबाइल लाते थे और ठिकाने लगाते थे.

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इसी दौरान निजाम की मुलाकात हापुड़ निवासी शादाब से हुई. वो चोरी के फोन खरीदता है. इसके बाद वो उन्हें राजस्थान, पश्चिम बंगाल और हरियाणा के कई जिलों में बेचता है. निजाम ने शादाब के साथ यही काम शुरू कर दिया. फिर वो खुद उन लोगों के संपर्क में आ गया जो स्ट्रीट क्राइम, पिकपॉकेटिंग और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे. अब वो उनसे सीधे मोबाइल खरीद कर आगे बेचने लगा.

आरोपी निज़ाम केवल संपर्क वाले चोरों से ही मोबाइल खरीदता था. वो मोबाइल की कंडीशन देखकर उसकी कीमत लगता था. उसका टारगेट 100-150 फोन खरीदने का होता था. ताकि आगे वो उनसे अच्छा मार्जन कमा सके. पूछताछ में निजाम ने बताया कि वह पिछले कई सालों से इस काम को कर रहा है. लेकिन अभी तक पकड़ा नहीं गया था. पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया है.

डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक आरोपी निजमा के कब्जे से 143 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए हैं. फिलहाल, पुलिस आरोपी को कस्टडी में लेकर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है.

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