छत्तीसगढ़ः डबल मर्डर से सनसनी, गोली मारकर दो भाइयों को पड़ोसी ने घर में दफनाया

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दो चचेरे भाइयों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है. इन दोनों भाइयों की पड़ोसी ने ही गोली मारकर हत्या कर दी और दोनों की लाश को अपने घर में ही दफना दिया.

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अंबिकापुर में भाइयों की हत्या, शवों को पड़ोसी ने घर में गड्ढा खोदकर दफनाया (Photo Aajtak) अंबिकापुर में भाइयों की हत्या, शवों को पड़ोसी ने घर में गड्ढा खोदकर दफनाया (Photo Aajtak)

सुमित सिंह

  • अंबिकापुर,
  • 13 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 7:15 PM IST

  • CCTV फुटेज के सामने आने से खुला मामला
  • पैसों के लेन-देन को लेकर हत्या की आशंका

देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से लोग अपने घरों में कैद हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस दोहरे हत्याकांड से अंबिकापुर शहर में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है. इस दोहरे हत्याकांड के पीछे रुपयों की आपसी लेन-देन को लेकर रंजिश का होना बताया जा रहा है. दोनों के शव पुलिस ने पड़ोसी के ही घर से बरामद किए. शवों को कमरे में गड्‌ढा खोदकर दफनाया गया था.

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पुलिस के मुताबिक सौरभ अग्रवाल और सुनील अग्रवाल रिश्ते में चचेरे भाई थे. 10 अप्रैल करीब 8:30 बजे अपनी कार से निकले. इसके बाद घर वापस नहीं लौटे फिर पुलिस को इनके लापता होने की सूचना दी गई. इसी बीच पुलिस को सहयोग करने के नाम पर साथ घूम रहे आकाश गुप्ता पर पुलिस को शक हुआ. उसे हिरासत में लेकर सख्ती के साथ उससे पूछताछ की गई. फिर उसने पुलिस के सामने सारा राज उगल दिया.

जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मरोड निवासी सौरभ अग्रवाल और सुनील अग्रवाल दोनों चचेरे भाई थे और बिल्डिंग मटेरियल और प्रॉपर्टी का काम करते थे. बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम दोनों भाई अपनी इनोवा कार से निकले थे. इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला था.

शनिवार की रात शहर के आकाशवाणी चौक से लगे ठेकेदार प्रकाश राय के कार्यालय के पास लावारिस हालत में इनोवा मिली थी. परिजनों से गाड़ी को पहचान लिया. पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज चेक की तो सिद्धार्थ नाम का युवक कार खड़ी करता दिखाई दिया. फिर पुलिस ने उसे पकड़ा और सारा मामला खुल गया.

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इस दोहरे हत्याकांड के पीछे पैसों के लेनेदेन का मामला सामने आया है. सौरभ अग्रवाल ने पड़ोसी आकाश गुप्ता से मकान खरीदा था. इसके लिए करीब सवा करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका था, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बावजूद आकाश मकान खाली नहीं कर रहा था. लॉकडाउन के चलते सौरभ अक्सर कैरम खेलने आकाश के पास चला जाता था. घटना वाले दिन वह अपने भाई के साथ गया था.

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