CBSE पेपर लीकः बवाना के मदर खजानी स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार

सीबीएसई पेपर लीक केस की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने बवाना के मदर खजानी स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया. प्रिंसिपल पर आरोप था कि उसे 12वीं के इकोनॉमिक्स पेपर लीक मामले की जानकारी थी. इससे पहले उसी स्कूल के दो टीचरों सहित तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो अध्यापकों समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था (फाइल फोटो)
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 05 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

सीबीएसई पेपर लीक केस की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने बवाना के मदर खजानी स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया. प्रिंसिपल पर आरोप था कि उसे 12वीं के इकोनॉमिक्स पेपर लीक मामले की जानकारी थी. इससे पहले उसी स्कूल के दो टीचरों सहित तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

सीबीएसई पेपर लीक मामले में बीते अप्रैल माह में कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों पर IPC की गलत धाराएं लगाने पर दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार भी लगाई थी. उसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार को आउटर दिल्ली के मदर खजानी स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया. उससे पहले उसके दो टीचर भी इस मामले में जेल जा चुके हैं.

जानकारी के मुताबिक, बवाना के मदर खजानी स्कूल के दो टीचरों को पेपर लीक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस मामले की सुनाई के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट ने पुलिस को लताड़ लगाई थी कि इस मामले में सीबीएसई के कर्मचारियों और स्कूल प्रिंसिपल को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा था कि इस केस की जांच अभी जारी है.

अप्रैल में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने तीनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने पेश किया था. करीब 20 मिनट की सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने 5 दिन की हिरासत की मांग की थी. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से आईपीसी की धारा 420 लगाने का तर्क पूछ लिया.

इसके जवाब से संतुष्ट ना होने पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आईपीसी की रूल बुक दिखाते हुए आगे से सही धारा लगाने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पुलिस और कानून की धाराएं अलग-अलग हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार को तीनों लोगों को गिरफ्तार किया था, जो पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी हैं.

इकोनॉमिक्स और मैथ के पेपर हुए लीक

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने एग्जाम वाले दिन करीब एक घंटा पहले 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक किए थे. सीबीएसई की 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर दो तरीके से लीक हुए थे. एग्जाम से एक दिन पहले हैंडरिटेन पेपर लीक हुआ था, जबकि एग्जाम से महज एक घंटा पहले प्रिंटेड फॉर्म में पेपर लीक हुआ.

प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं दो आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों ने एग्जाम वाले दिन ही पेपर लीक किया था. मुख्य आरोपियों की पहचान ऋषभ और रोहित के रूप में हुई है, जो दिल्ली के ही एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं, जबकि तीसरे आरोपी की पहचान तौकीर के रूप में हुई है, जो आउटर दिल्ली में एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर पढ़ाता है.

आधे घंटा पहले खोल दी सील

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी टीचर ने बताया कि लिफाफा बंद पेपर की सील सुबह 9:45 बजे खोलनी थी, जबकि उसने आधा घंटा पहले 9:15 बजे ही सील खोल दी. उसने मोबाइल से पेपर्स की तस्वीरें लीं और तौकीर को भेज दीं. इसके बाद तौकीर ने व्हाट्सऐप के जरिए पेपर को लीक कर दिया था.

जानिए, क्या है पूरा मामला

सीबीएसई की ओर से 12वीं बोर्ड के इकोनॉमिक्स और 10वीं बोर्ड के मैथ का पेपर, लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया था. इसके साथ ही परीक्षा दोबारा करवाने का फैसला किया, जिसमें इकोनॉमिक्स के पेपर के रि-एग्जाम की तारीख की घोषणा कर दी गई थी.

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