बिहार के भागलपुर में मेडिकल छात्रा शाश्वती के अपहरण मामले को पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर ही सुलझा लिया. मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि शाश्वती ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने अपहरण की साजिश रची थी.
मेडिकल छात्रा शाश्वती ने अपने बॉयफ्रेंड डॉक्टर केतन आनंद के साथ मिलकर अपने अपहरण की कहानी गढ़ी थी. दरअसल केतन और शाश्वती काफी अरसे से रिलेशनशिप में थे और दोनों शादी करना चाहते थे. दोनों की दिल्ली जाकर शादी करके घर बसाने की योजना थी.
जैसे ही केतन और शाश्वती को पता चला कि पुलिस उनके प्लान के बारे में जान चुकी है, वैसे ही केतन ने खुद पुलिस अधिकारियों को फोन कर अपनी गलती स्वीकार करते हुए भागलपुर लौटने की बात कही. नकली अपहरण के इस प्लान में केतन का एक दोस्त भी शामिल था.
पुलिस के मुताबिक, शाश्वती कर्नाटक से दो नवंबर को पटना और फिर तीन नवंबर को भागलपुर पहुंची थी. जिसके बाद चार नवंबर को उसका कर लिया गया. भागलपुर के एसएसपी मनोज कुमार ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया.
जांच टीम ने शाश्वती के फोन कॉल की डिटेल निकाली तो पता चला कि शाश्वती की एक नंबर पर काफी बात होती थी. वह नंबर दिल्ली के रहने वाले डॉक्टर केतन आनंद का था. केतन के नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया तो उसकी लोकेशन भागलपुर मिली. पुलिस को अपहरण का सारा खेल समझ आ गया था.
दरअसल जिस दिन शाश्वती कर्नाटक से पटना आई थी, उसी दिन केतन भी दिल्ली से पटना आया था. दोनों साथ ही भागलपुर पहुंचे और फिर शाश्वती अपने घर आ गई थी, जबकि केतन के दोस्त ने उसे एक होटल में कमरा दिला दिया था. होटल के में तीनों साफ देखे जा सकते थे.
शाश्वती के कहने पर ही केतन ने उसके पिता को फिरौती के लिए फोन किया था. फिलहाल पुलिस दोनों के भागलपुर आने का इंतजार कर रही है. वहीं पुलिस समेत शाश्वती के परिजनों ने अपहरण की गुत्थी सुलझने के बाद राहत की सांस ली है.
सुजीत झा / राहुल सिंह