UP पुलिस के कामकाज से कितने संतुष्ट या कितने नाराज? इन 11 जिलों में हो रहा सर्वे

उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों सोशल मीडिया पर एक सर्वे कर रही है. सवाल पूछा जा रहा है कि जनता के बीच पुलिस के कामकाज को लेकर कितनी संतुष्टि है? कितनी नाराजगी है? किस थाने के कामकाज से लोग खुश हैं और किस जिले से नाराज?

Advertisement
उत्तर प्रदेश पुलिस (फाइल फोटो) उत्तर प्रदेश पुलिस (फाइल फोटो)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 13 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 3:25 PM IST
  • गोरखपुर जोन के 11 जिलों में सर्वे
  • बलरामपुर पुलिस से खुश हैं लोग

जनता के बीच पुलिस के कामकाज को लेकर कितनी संतुष्टि है? कितनी नाराजगी है? किस थाने के कामकाज से लोग खुश हैं और किस जिले से नाराज? इसको पता लगाने के लिए गोरखपुर जोन में एक नई शुरुआत हुई है. जोन के 11 जिलों में सोशल मीडिया के जरिए सर्वे कराया जा रहा है. अब तक के सर्वे में बलरामपुर पुलिस से लोग संतुष्ट भी नजर आ रहे हैं.

Advertisement

गोरखपुर जोन में एक नई शुरुआत है. जोन के 11 जिलों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की पुलिस के कामकाज को लेकर एडीजी ने सर्वे करवाना शुरू किया है. यह सर्वे 5 तरह से करवाया जा रहा है.

आईजीआरएस पर शिकायत करने वाले, पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत करने वाले, थाने पर जाकर एफआईआर दर्ज कराने वाले और ऑनलाइन ट्विटर और व्हाट्सएप के जरिए भी लोगों से फीड बैक मांगा जा रहा है. जिलों से फीडबैक लेने के लिए जोनल स्तर पर एक अलग से टीम बनाई गई है, जो सभी 11 जिलों से मिल रहे रिस्पांस पर काम कर रही है.

अब तक मिले रिस्पांस में बलरामपुर पुलिस से लोग सबसे ज्यादा खुश नजर आए हैं और गोंडा में पुलिसिंग से नाराज. अब तक इस सर्वे में 70000 से ज्यादा लोग भाग ले चुके हैं. यूपी पुलिस में पब्लिक रिस्पांस की इस नई शुरुआत को करने वाले एडीजी जोन अखिल कुमार का कहना है कि हम इस सर्वे को हर महीने करेंगे.

Advertisement

एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि यह सर्वे जिला स्तर पर थानेवार भी करवाया जा रहा, जिससे थानों की कामकाज पर भी नजर रखी जा सकेगी, बेहतर काम करने वाले थानों और जिलों को एडीजी की तरफ से प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा.

एडीजी अखिल कुमार का कहना है कि गोरखपुर में हुई शुरुआत का पूरा प्रपोजल डीजीपी मुख्यालय को भी भेजा जा चुका है ताकि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जा सके, हमारी कोशिश अपराध नियंत्रण ही नहीं पुलिसिंग को बेहतर करना भी है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement