देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है. यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है. जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है. लेकिन कुछ ऐसे भी अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं. उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं. aajtak.in ऐसे ही पुलिस अफसरों पर एक सीरीज पेश कर रहा है. इस कड़ी में पेश है शहीद IPS अफसर अशोक कामटे की कहानी.
- IPS अफसर अशोक कामटे महाराष्ट्र के पुणे के सांघवी के रहने वाले थे.
- अशोक कामटे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे. वह अपने बैच में स्कॉलर थे.
- मुंबई पुलिस में अशोक कामटे बॉडी बिल्डर के नाम से मशहूर थे.
- उनको बॉडी बिल्डिंग का शौक था. वह कॉलेज के दिनों में अखाड़े और जिम में जाया करते थे.
- अशोक कामटे ने कई बॉडी बिल्डिंग कॉम्पटिशन जीता था. वह पुलिस मेडल और यूएन मेडल भी जीते थे.
- मुंबई में 26/11 हमले के दौरान हुए आतंकवादी हमले के दौरान उनको जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
- बताया जाता है कि अशोक ने आतंकवादियों से बातचीत की स्पेशल ट्रेनिंग ली थी.
- आतंकियों के खिलाफ इस अभियान दौरान कामटे को गोली लग गई और वह शहीद हो गए.
- अशोक कामटे को भारत सरकार की ओर से अशोक चक्र दिया गया है.
- उनकी पत्नी विनीता ने उन पर 'टू द लास्ट बुलेट' नाम से किताब लिखी है.
मुकेश कुमार