एक कमरा, अनजान साया और मौत का तांडव... यूं उलझी सहारनपुर के राठी परिवार की डेथ मिस्ट्री

सहारनपुर के कौशिक विहार में राठी परिवार की सामूहिक मौत के मामले ने सभी को दहला दिया है. महज 40 सेकेंड में पत्नी, मां और दो बेटों की हत्या के बाद अशोक राठी ने खुद को गोली मार कर सुसाइड किया. हत्या के बाद आत्महत्या. ये है डिप्रेशन और मौत के साए की खौफनाक कहानी.

Advertisement
एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत गोली लगने से हुई (फोटो-ITG) एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत गोली लगने से हुई (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • सहारनपुर,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:07 AM IST

Saharanpur Rathi Family Death Mystery: सर्द रात का सन्नाटा था. रात के तीसरे पहर एक घर में पांच जिंदगियां सांस ले रही थीं. बाहर सब कुछ सामान्य था, लेकिन अंदर मौत ने अपनी स्क्रिप्ट लिखकर तैयार कर ली थी. सिर्फ 40 सेकेंड और एक पूरा परिवार इतिहास बन गया. सहारनपुर की कौशिक विहार कॉलोनी में राठी परिवार के खात्मे की यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है, जहां सरकारी नौकरी थी. खुशहाल परिवार था. नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी थी. फिर अचानक गोलियों की आवाज़ ने सबकुछ बदल दिया. सुबह जब दरवाज़ा टूटा, तो अंदर खून से सना एक ऐसा खौफनाक मंजर था, जिसने पूरे शहर को हिला दिया. सवाल सिर्फ इतना नहीं था कि किसने मारा, बल्कि सवाल ये था कि आख़िर क्यों?

Advertisement

सहारनपुर का राठी परिवार इन दिनों चर्चाओं में है. 40 साल के अशोक राठी. 37 साल की उनकी पत्नी अंजिता राठी. अशोक की 70 साल की बुजुर्ग मां विद्यावती. 16 साल का बड़ा बेटा कार्तिक और 13 साल का छोटा बेटा देव. अफसोस कि ये पूरा का पूरा परिवार ही अब इस दुनिया में नहीं है. सिर्फ 40 सेकेंड. जी हां, सिर्फ चालीस सेकंड में इस परिवार के चार लोग इस दुनिया से चले गए, जबकि पांचवें सदस्य को मरने में कुछ और मिनट का वक़्त लगा.

सभी को उनके घर के अंदर बिल्कुल प्वाइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई. खबर मिलते ही जब सहारनपुर की पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची, तो बिस्तर से लेकर दरो-दीवार पर खून के छींटे, गोलियां, गोलियों के खोल और फर्श पर तीन-तीन देसी पिस्टल बिखरी पड़ी थी. लेकिन सवाल ये था कि आखिर इस परिवार के साथ एकाएक ऐसा क्या हुआ कि पूरा का पूरा परिवार ही यूं एक झटके में खत्म हो गया? तो इस कहानी को समझने के लिए आपको सबसे पहले 19 और 20 जनवरी की दरम्यानी रात में जाना होगा.

Advertisement

सहारनपुर के कौशिक विहार कॉलोनी के रहने वाले अशोक राठी की दो बहनें हैं. दोनों बहनें भी सहारनपुर में रहती हैं. इनमें एक बहन को अशोक राठी अपने मोबाइल से रात 3 बज कर 12 मिनट पर 1 मिनट 18 सेकंड का एक ऑडियो मैसेज भेजता है. जिसमें वो कहता है-

"बहन मुझसे बड़ी ग़लती हो गई. मैंने मां, तेरी भाभी और दोनों बच्चों की गोली मार दी, उनकी जान ले ली. अब मैं भी सुसाइड करने जा रहा हूं. मेरा अंतिम संस्कार गांव खारी बांस में करना और मेरे हिस्से की जो भी प्रॉपर्टी है, वो तुम दोनों बहनें आपस में बांट लेना."

अब इतनी रात गए भला एक ऑडियो मैसेज पर किसी का कैसे ध्यान जाता? लिहाजा, जब सुबह बहन नींद से जगी और उसने अपना मोबाइल फोन चेक किया, तो उसे एक के बाद एक अपने भाई अशोक की तरफ से भेजे गए एक नहीं, बल्कि तीन-तीन मैसेज मिले. इनमें पहला मैसेज तो वही था, जिसका जिक्र हमने अभी-अभी आपके सामने किया, जबकि बाकी दो मैसेज में उसने अपनी एकाउंट डिटेल, प्रॉपर्टी और ऐसी ही दूसरी जरूरी बातें रिकॉर्ड की थी.

पूरे परिवार के कत्ल और भाई के सुसाइड का मैसेज मिलते ही बहन बेचैन हो उठी. उसने अशोक समेत बाकी के घर वालों को फोन करना शुरू कर दिया, लेकिन किसी का फोन भी नहीं उठ रहा था. और तब उसने उसी कौशिक कॉलोनी में रहने वाली अपनी दूसरी बहन को अशोक के ऑडियो मैसेज के बारे में बताया और इसके बाद अशोक की बहन और बाकी के रिश्तेदार अशोक के घर पहुंचे, लेकिन कई बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब अशोक के घर का दरवाजा नहीं खुला, तो फिर रिश्तेदार किसी तरह पहले सीढ़ी लगाकर फर्स्ट फ्लोर तक गए और फिर रसोई की खिड़की की जाली तोड़ कर अंदर दाखिल हुए, लेकिन अंदर उन्हें जो मंजर दिखा वो बहुत डरावना था. 

Advertisement

घर में एक ही कमरे के अंदर अशोक के अलावा, पत्नी अंजिता, मां विद्यावती और दो बेटों कार्तिक और देव की लाश पड़ी थी. सभी के सिर पर गोली लगी हुई थी और गोलियों के जख्म के इर्द-गिर्द मौजूद ब्लैकेनिंग यानी काले निशान ये ईशारा कर रहे थे कि सभी को बिल्कुल करीब से गोली मारी गई.

मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना करने और वारदात के पूरे सिलसिले को समझने के बाद पुलिस फिलहाल इस नतीजे पर पहुंची है कि घर के मुखिया अशोक राठी ने ही नींद में सो रहे पूरे परिवार को एक-एक कर गोली मारी और फिर खुद को भी शूट कर लिया. पुलिस सूत्रों की मानें तो ऐसा करने के लिए राठी ने कथित तौर पर घर में लगे आरओ के पानी में नींद की गोलियां डाल दी थीं. घर वालों ने रात को नींद की गोलियों वाला पानी पिया और गहरी नींद में सो गए, लेकिन अशोक जागता रहा और उसी ने मौका देख कर एक-एक कर पहले चार लोगों की गोली मार कर हत्या की और फिर सुसाइड कर लिया.

मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस को नींद की कुछ गोलियां और रैपर भी मिले हैं, जो नींद की गोलियों वाले पानी की थ्योरी की तरफ इशारा करते हैं. फिलहाल, हर किसी के मन में यही सवाल ये है कि आखिर अशोक राठी ने इतना भयानक कदम क्यों उठाया? वैसे तो देखा जाए तो राठी परिवार में किसी चीज की कोई कमी नहीं थी. अशोक खुद सिंचाई विभाग में अमीन के पद पर नौकरी करता था, दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ते थे. यहां तक कि अशोक ने पास में ही एक नया घर भी बनवाया था, जहां उनका पूरा परिवार शिफ्ट होने वाला था. लेकिन इस बीच उसने ये भयानक कदम उठा लिया. 

Advertisement

हालांकि पुलिस को जानकारी मिली है कि अशोक कोविड के समय से ही डिप्रेशन का शिकार था. और उसका चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था. इस बीच पुलिस को ये भी जानकारी मिली है कि अशोक पहले भी दो बार अपने परिवार को खत्म करने की कोशिश कर चुका था, लेकिन दोनों बार सभी की जान बच गई थी. पहली कोशिश उसने कोविड के दिनों में की थी और दूसरी करीब 5 महीने पहले.

अशोक को सिंचाई विभाग में नौकरी अपनी पिता की जगह पर अनुकंपा के आधार पर मिली थी, उसके पिता भी अमीन थे. मगर अपनी रिटायरमेंट के ठीक एक दिन पहले रहस्यमयी हालात में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद अशोक को सरकारी नौकरी मिली. अब इसे अशोक के डिप्रेशन का असर कहें या फिर इसे कुछ और नाम दें, अशोक को जानने वाले कुछ लोगों ने पुलिस को बताया है कि वो अक्सर जागते हुए किसी साये को देखने की बात करता था, वो इसे मौत का साया कहता था और उसने अपने घर वालों से भी इसका जिक्र किया था और इसी के डर से पूरा परिवार एक ही कमरे में सोता था. 19 जनवरी की रात को भी पूरा परिवार एक ही कमरे में सोया, लेकिन सुबह होते-होते अशोक ने सबकी जान लेकर खुद को खत्म कर लिया.

Advertisement

(सहारनपुर से राहुल कुमार का इनपुट)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement