Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. जहां एक निजी स्कूल के छात्रावास में आठ वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार किया गया. इस मामले के उजागर होने के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस मामले के तूल पकड़ते ही सरकार भी हरकत में आ गई. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने का आदेश दिया है.
भोपाल पुलिस का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना वास्तव में कब हुई थी? एक निजी स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया गया है. मामला बेहद संगीन है.
भोपाल के मिसरोद पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक मनीष राज भदोरिया ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि इस संबंध में एक शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार की रात तीन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
SHO ने आगे बताया, हालांकि आरोपियों के नाम एफआईआर में दर्ज हैं, लेकिन उनकी पहचान की जा रही है. जब इस आरोप के बारे में पूछा गया कि लड़की को अपराध से पहले नशीला पदार्थ दिया गया था, तो थानेदार मनीष राज भदोरिया ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ये सभी बातें साफ हो जाएंगी.
थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराने और उसका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. मामले से जुड़े सबूत इकट्ठा करने के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या क्लिनिकल जांच में पुष्टि हुई है कि लड़की के साथ बलात्कार किया गया था, भदोरिया ने कहा कि पुलिस व्यापक मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
एक प्रश्न का उत्तर देते हुए SHO ने बताया कि पीड़िता की मां के अनुरोध पर डॉक्टरों द्वारा की गई मेडिकल जांच के दौरान पीड़ित बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोटें और सूजन पाई गई है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह आरोप लगाया है, लेकिन विस्तृत मेडिकल जांच में सारी बातें साफ हो जाएंगी.
थाना प्रभारी के मुताबिक, घटना की तारीख स्पष्ट नहीं होने के कारण हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं. आरोपियों की पहचान स्थापित होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय ने कहा कि मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एसआईटी से मामले की जांच कराने के आदेश दिये हैं.
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