पहले दिल्ली और यूपी से शाहनवाज समेत तीन संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी और फिर हैदराबाद में हैंड ग्रेनेड के साथ तीन संदिग्धों का पकड़े जाना एक बड़ी आतंकी साजिश को बेनकाब करता है. दोनों जगहों पर हुई गिरफ्तारी के दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में जो बात निकलकर सामने आई है. उसमें एक बात कॉमन है, और वो है आतंकियों का आका फरहतुल्ला गौरी उर्फ अबू सुफियान. जिसके कहने पर दिल्ली और हैदराबाद से पकड़े गए संदिग्ध काम कर रहे थे.
आतंकी फरहतुल्ला गौरी की करतूत
हैदराबाद से फरार होने वाला आतंकी फरहतुल्ला गौरी अब पाकिस्तान में बैठा है. वो लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है. और वहां बैठकर सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में जिहाद के लिए नौजवानों को भड़काने का काम कर रहा है. हैदराबाद में जो तीन संदिग्ध पकड़े गए हैं, उन्होंने खुलासा किया है कि उनका संपर्क पाकिस्तानी में बैठे आतंकी फरहतुल्ला गौरी से था. जिसने भारत में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर हैंड ग्रेनेड फेंककर लोगों के बीच दहशत कायम करने को कहा था. इसके अलावा वो लोन वूल्फ अटैक की प्लानिंग करवा रहा था.
कौन है फरहतुल्ला गोरी?
फरहतुल्ला गोरी गुजरात में साल 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले में शामिल था. 2002 में गोरी ने हैदराबाद में एसटीएफ ऑफिस में सुसाइड अटैक करवाया था. हैदराबाद का रहने वाला फरहतुल्ला गोरी भारत से फरार होकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है. भारत सरकार ने फरहतुल्ला को डिजिनेटेड टेररिस्ट घोषित किया हुआ है. हाल फिलहाल में फरहतुल्ला गौरी की एक्टिविटी एजेंसियों ने ट्रैक की है. गौरी यूट्यूब पर अपनी तकरीरें डालता है, इसमें वह भारत में नौजवानों को भड़काने की कोशिश करता है. एक तरह से गौरी सोशल मीडिया पर आतंक की कोचिंग चलाता है. दुनियाभर में बदनाम पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसियों ने भारत में आतंक फैलाने के नए तरीके अख्तियार किए हैं.
हार्डकोर आतंकियों की लिस्ट में नाम
फरहतुल्ला गौरी को गृह मंत्रालय ने यूएपीए कानून के तहत इंडिविडुअल टेररिस्ट घोषित किया है. 38 हार्डकोर आतंकियों की लिस्ट में उसका नाम 18वें नंबर पर है.खुफिया एजेंसियों के अनुसार फरहतुल्ला गौरी उर्फ अबू सुफियान अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठनों का प्रमुख चेहरा है. हैदराबाद में जाहेद, हसन फारूक और मो. समीमुद्दीन की गिरफ्तारी के साथ उसका नाम एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है. पुलिस ने इन सभी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है. इन के पास पुलिस ने चार हथगोले, 5 लाख 41 हजार रुपये नगद बरामद किया है. पुलिस की पूछताछ के दौरान इन लोगों ने बताया कि फरहतुल्ला गौरी के निशाने पर वे भीड़-भाड़ वाले जगहों पर हमला करने जा रहे थे इसके साथ ही वे लोन वूल्फ अटैक की योजना बना रहे थे.
आईईडी बनाने का सामान और पिस्टल बरामद
उधर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS के संदिग्ध आतंकी शाहनवाज उर्फ शैफी, उसके साथी रिजवान और अरशद को अरेस्ट किया था. शाहनवाज के ठिकाने से आईईडी बनाने का सामान और पिस्टल बरामद हुआ है. जांच और पूछताछ में ये बात सामने आई है कि ये सभी अलग-अलग तंजीम से ऑनलाइन जुड़े हुए थे. इन लोगों ने अहमदाबाद (गुजरात) में रेकी की थी. शाहनवाज माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसने हिंदू लड़की से शादी की, जिसका नाम बसंती पटेल था, जो कि धर्म परिवर्तन करने के बाद मरियम बन गई.
दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ से गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल ने बताया कि 3 लोगों पर पिछले महीने एनआईए ने इनाम रखा था. इसमें मोहम्मद शाहनवाज भी एक था. उसे जैतपुर दिल्ली और अरशद को मुरादाबाद व रिजवान को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है. इसके ठिकाने हथियार और आईईडी बनाने का सामान और जिहादी लिटरेचर बरामद हुआ है.
सोशल मीडिया का इस्तेमाल
पाकिस्तान में बैठे आतंकी ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिए नौजवानों को रेडिकलाइज करते हैं. उसके बाद आतंकी हमले के लिए तैयार करते हैं, उन्हें ISIS के आमिर की शपथ दिलवाई जाती है. वो इसलिए कि अगर भारत की एजेंसी उन्हें गिरफ्तार करे तो पाकिस्तान और ISI का नाम सामने न आ पाए. दो दिन पहले ही फरहतुल्ला गोरी ने एक वीडियो बयान जारी किया है. इसमें गोरी की आवाज है और इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों की तस्वीरें हैं.
आतंकी बनने की कोचिंग देता है फरहतुल्ला गोरी
वीडियो बयान सुनने पर ऐसा लगता है कि फरहतुल्ला गोरी सोशल मीडिया पर आतंकी बनने की कोचिंग देता है. वीडियो में फरहतुल्ला बोल रहा है कि इंडियन एजेंसी और इंडियन पुलिस में दम नहीं है, जिहाद करना है और पुलिस से बचना है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी के लिए करें. उसमें अपने विचार और जानकारी न डालें. हथियार तस्करों से हथियार खरीदते वक्त सावधानी बरतें. कई तो दोहरे एजेंट के तौर पर काम करते हैं. एक तरफ वो हथियार बेचते हैं, तो दूसरी तरफ वो एजेंसियों के एजेंट होते हैं. वीडियो में गोरी कह रहा है कि जो आतंकी जेल से रिहा होते हैं, दूसरे जिहादी उनसे दूरी बनाए रखें. क्योंकि एजेंसी जेल से छूटे जिहादियों का पीछा सालों करती हैं.
भगोड़े आतंकियों को पनाह देती है ISI
ISIS आतंकियों ने खुलासा किया कि मॉड्यूल के पीछे पाकिस्तान मास्टरमाइंड है. गिरफ्तार आतंकी शहनवाज आलम ने 'माल-ए-गनीमत' के तौर पर 6 डकैती को अंजाम दिया था. जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारत से भागे आतंकी, जिन्होंने पाकिस्तान में सरक्षण ले रखा है. उनके जरिए ISIS के एक मुखोटे को तैयार किया है. भगोड़े आतंकियों में फरहतुल्ला गोरी और उसका दामाद शाहिद फैसल है. माना जा रहा है कि इसे नेटवर्क के लिए अपराध और माल ए घनी मत के जरिये पैसा इकट्ठा करने के लिए कहा गया है, ताकि ऐसा लगे कि ये घरेलू और देशी कट्टपंथी नेटवर्क है. पकड़े गए आतंकी दिल्ली में अपना बेस्ड तैयार कर रहे थे. साथ ही बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे.
ऐसे रिजवान से मिला था शाहनवाज
गिरफ्तार मास्टरमाइंड शहनवाज आलम नवंबर 2016 में SSC की तैयारी करने दिल्ली आया था. वह अबू फजल एन्क्लेव में रहने लगा और कॉलेज के दौरान ही ISIS की विचारधारा से प्रभावित हो रहा था. ये विचारधारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी नजर आने लगी. शहनवाज की मुलाकात 2016 में शाहीन बाग की शाहीन मस्जिद में रिजवान अली से हुई और दोनों दोस्त बन गए. इसके बाद दोनों IS की विचारधारा को लेकर बातचीत करने लगे. दोनों हिज़रत के लिए जाना चाहते थे. इसके लिए इन्होंने फंड एकत्र करना शुरू कर दिया.
कई शहरों में बनाया था बेस
शहनवाज ने इसके लिए 2019 में हजारीबाग में कई डकैती और चोरी भी कीं और वो करीब 8 महीने जेल रहा. दिसंबर 2020 में वह जेल से बाहर आया. इसके बाद वह IS के विदेशी हेंडलर से बात करने लगा. इस बीच रिजवान भी उसी हैंडलर के टच में आ गया, इसके बाद ये लोग लबासा, महाबलेश्वर, गोवा, हुबली, सरस्वती वाइल्ड लाइफ एरिया कनार्टक, उडुपी, केरला, बलसाड़ वाइल्ड लाइफ सेन्चुरी, नल्ला माला माउटेंड रेंजेस, चन्दौली और वेस्टन घाट्स गए. जहां ये अपना बेस बनाकर छिपे थे.
मजारों और दरगाहों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की रैकी
शहनवाज ने कई भीड़भाड़ वाले इलाकों की रैकी की. जिसमें मजार और दरगाह, मुम्बई में VIP और बड़े नेताओं के रूट्स, सूरत बडोदरा और गांधी नगर और अहमदाबाद में IED प्लांट कर टारगेट किलिंग करना चाह रहा था. उसने पश्चिमी राजस्थान के नक्शे की जांच भी की. ताकि वहां के लोकेशन पर IED टेस्टिंग पॉइंट बना पाए.
दिल्ली, राजस्थान और हल्द्वानी में किए IED टेस्ट
इस बीच मार्च 2021 में अलीगढ़ में बंसती पटेल नाम की महिला ने आतंकी शहनवाज ने शादी कर ली. जिसका धर्म परिवर्तन कर नाम मरियम रख दिया गया. दोनों पति-पत्नी ने फैसला किया कि अफगानिस्तान में हिज़रत में जाने से पहले दिल्ली में रहकर IED बनाए जाए. IED बनाए जाने के बाद इन्होंने दिल्ली, राजस्थान और हल्द्वानी में कई जगह IED टेस्ट किए. अप्रैल 2022 में वो पहले से गिरफ्तार आरोपी इमरान और यूनुस शाकी से मिले. 18 जुलाई 2023 को यूनुस और शाकी पुणे में एक बाइक चोरी करते हुए पकड़े गए जबकि शहनवाज फरार हो गया था.
दिल्ली में हमले की प्लानिंग
दिसंबर 2022 से शहनवाज और रिजवान दिल्ली में हमले के लिए IED बनाने का काम कर रहे थे. गिरफ्तार मोहम्मद अरशद वारिसी से हुई पूछताछ के मुताबिक वह 2016 में दिल्ली में MBA करने जामिया विश्वविद्यालय आया और जामिया में रहने लगा. यहीं वो शहनवाज के टच में आ गया. ये दोनों मिलकर दिल्ली में हमले की फिराक मे थे. गिरफ्तार मोहम्मद रिजवान अशरफ से हुई पूछताछ के मुताबिक उसका जन्म सउदी अरब में हुआ था और वे भी ISIS के उसी हेंडलर के टच में था, जिसके टच में रिजवान और शहनवाज़ थे
नंबरदार अपार्टमेंट में रहता था शाहनवाज
शाहनवाज की गिरफ्तारी दिल्ली के जैतपुर पार्ट-2 इलाके के नंबरदार अपार्टमेंट से हुई है. E-90 स्थित नंबरदार अपार्टमेंट में वह रहा था और यहीं से आतंकी प्लानिंग में जुड़ा हुआ था. सोमवार तड़के ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वहीं से गिरफ्तार किया था. आजतक ने दिल्ली के जैतपुर पार्ट-2 इलाके के नंबरदार अपार्टमेंट जाकर ग्राउंड रिपोर्ट की. इस दौरान बिल्डिंग के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ दिखा. कोई भी रहवासी इस बारे में बोलने के लिए तैयार नहीं था. 'नंबरदार अपार्टमेंट' के नाम से बनी बिल्डिंग बहुमंजिला है.
आईएस संदिग्धों का झारखण्ड कनेक्शन
दिल्ली और यूपी से गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस के तीन संदिग्धों का झारखण्ड कनेक्शन भी सामने आया है, जिसमे एक हजारीबाग तो दूसरा गढ़वा कनेक्शन शामिल है. दरअसल, अरशद वारिसी नाम का युवक गढ़वा नगर परिषद के वार्ड 15 के रॉकी मुहल्ला का रहने वाला है. उसके पकड़े जाने के बाद गढ़वा शहर के लोग हैरान है. अरशद के पिता जो पेशे से शिक्षक हैं, वह भी घर से गायब मिले. घर के अगल बगल के लोगों को इसकी भनक तक नहीं है.
अरशद शुरू से ही पढ़ाई लिखाई में तेज था. उसके घर के तमाम लोग पढ़े लिखें है और सभी जॉब में हैं. जबकि अरशद स्कॉलर बनने के लिए जामिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा था. इससे पहले वो अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई कर चुका है. उसकी मां भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. वो समझ नहीं पा रही हैं कि आखिर हुआ क्या है. वहीं इस मामले पर गढ़वा के पुलिस अधीक्षक से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा की इसके बारे में अधिकारिक तौर पर उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है. किसी ने कुछ भी नहीं पूछा है.
अरविंद ओझा / अब्दुल बशीर