छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 2 दिन में 6 माओवादी ढेर, AK-47 समेत 6 हथियार बरामद

बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ चल रहा बड़ा ऑपरेशन दूसरे दिन भी जारी रहा. रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो और माओवादी ढेर कर दिए गए. इसके साथ ही इस ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. यहां STF, DRG और कोबरा कमांडो सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

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STF, DRG और कोबरा कमांडो के संयुक्त ऑपरेशन में नक्सलियों की कमर टूटी. (Photo: Representational) STF, DRG और कोबरा कमांडो के संयुक्त ऑपरेशन में नक्सलियों की कमर टूटी. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • बीजापुर,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:19 PM IST

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा. शनिवार को चार नक्सलियों के मारे जाने के बाद रविवार को इसी अभियान के दौरान दो और माओवादी ढेर कर दिए गए. इसके साथ ही इस ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों की कुल संख्या छह हो गई है.

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि ताजा मुठभेड़ रविवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी हिस्से की घने जंगलों और पहाड़ियों में हुई. यहां सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान चला रही है. मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. शनिवार को हुई मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए थे. 

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इनमें सीनियर कैडर का नक्सली दिलीप वेदजा शामिल था, जो डिवीजनल कमेटी सदस्य था. इसके अलावा एरिया कमेटी सदस्य माडवी कोसा, लक्खी मडकम और पार्टी सदस्य राधा मेटा भी मारे गए थे. ये सभी नेशनल पार्क एरिया कमेटी में सक्रिय बताए गए थे. रविवार को मारे गए दो माओवादियों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है. 

पुलिस का कहना है कि उनकी शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं. मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने छह हथियार भी बरामद किए हैं. इनमें एक AK-47, एक INSAS राइफल, एक कार्बाइन और एक .303 राइफल शामिल है. यह संयुक्त ऑपरेशन स्पेशल टास्क फोर्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और CRPF की एलीट यूनिट कोबरा के द्वारा चलाया जा रहा है. 

यह अभियान शनिवार को उस वक्त शुरू किया गया था, जब इलाके में सीनियर नक्सली दिलीप वेदजा सहित हथियारबंद कैडरों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी. इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 20 माओवादी मारे जा चुके हैं. इससे पहले 3 जनवरी को बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में 14 नक्सली ढेर किए गए थे.

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पिछले साल राज्य में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे. केंद्र सरकार ने देश से वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय सीमा तय की है.

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