दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को श्रद्धा मर्डर केस में सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया. उधर, दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा मर्डर केस में सूबतों की तलाश के लिए 14 टीमें बनाईं हैं. पुलिस को मंगलवार को मैदानगढ़ी में तालाब पुलिस को कुछ हड्डियां हाथ लगी हैं. शुरुआती जांच में ये हड्डियां इंसान के हाथ की लग रही हैं. पुलिस ने सभी हड्डियों को जांच के लिए CFSL भेज दिया है. हालांकि, पुलिस को अभी तक श्रद्धा के शव का सिर नहीं मिला है.
दिल्ली पुलिस की टीम आफताब को लेकर एफएसएल से निकल गई है. मंगलवार को आफताब FSL में तकरीबन साढ़े 3 घंटे तक रहा. पहले आफताब के प्री-पॉलीग्राफ टेस्ट हुए. इसमें आफताब से तकरीबन 15 से 20 सवाल पूछे गए. दिल्ली पुलिस बुधवार को भी आफताब को FSL में पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए लेकर आएगी.
श्रद्धा मर्डर केस की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें कई लोकेशनों पर डटी हुई हैं. लिहाजा दिल्ली पुलिस की टीम ने मुंबई के वसई क्राइम ब्रांच में आफताब के तीन दोस्तों के बयान दर्ज किए हैं. इसमें दो लड़कियां और एक लड़के को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था. पुलिस ने करीब 2 घंटे तक इन सभी का बयान दर्ज करने के बाद जाने दिया.
श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस की जांच के मामले में सहायक निदेशक संजीव गुप्ता ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं, जो भी स्थिति है, हम दिल्ली पुलिस को स्पष्ट कर चुके हैं. हमारी तरफ से तैयारी पूरी है. इसे स्पेशल केस के तौर पर लिया गया है. उन्होंने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट अपराधी से सच निकलवाने का तरीका है. ये एक तरह का डिफरेंट पैटर्न है. बहुत जल्द पॉलीग्राफ टेस्ट होगा. सटीक समय को लेकर टिप्पणी नहीं कर सकते. हालांकि नार्को टेस्ट की प्रक्रिया में आमतौर पर एक सप्ताह का समय लगता है.
श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में पुलिस एक के बाद एक खुलासे कर रही है. हत्या की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें कई लोकेशन पर डटी हुई हैं. मर्डर केस में अब पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. जानकारी के मुताबिक आफताब पूनावाला श्रद्धा की बॉडी के टुकड़ों का हिसाब किताब रखता था. इतना ही नहीं, आरोपी ने कत्ल की साजिश का पूरा रफ नोट तैयार किया था. इसमें उसने हर छोटी बात का जिक्र किया था. (इनपुट-अरविंद ओझा)
आफताब के वकील अविनाश ने बताया कि उसके परिजन कहीं गायब नहीं हैं. मैं एक दो दिन में उनसे संपर्क करूंगा. आफताब ने कोर्ट में यह नहीं माना कि उसने श्रद्धा की हत्या की. उसने बस इतना कहा कि जो कुछ भी हुआ, वह गुस्से में हुआ. आफताब ने यह भी नहीं कहा कि वह ड्रग्स के नशे में था. आफताब जांच में सहयोग कर रहा है.
श्रद्धा की हत्या के आरोपी आफताब ने कोर्ट से अपने परिवार से मिलने की अनुमति मांगी है. कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है. बताया जा रहा है कि आफताब का परिवार फरार नहीं है, वह पुलिस के साथ लगातार संपर्क में है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने श्रद्धा मर्डर केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने पूछा कि किस वजह से आप CBI को मामले की जांच ट्रांसफर करवाने की मांग कर रहे, जब परिवार वाले मामले की जांच CBI को ट्रांसफर करवाने की मांग नहीं कर रहे. इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि छावला गैंगरेप और हत्याकांड में क्या हुआ, सबने देखा? सुप्रीम कोर्ट ने तीनों आरोपियों को रिहा कर दिया, पुलिस की जांच पर सवाल उठाए. दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा बिना किसी रिसर्च के दिल्ली पुलिस के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं. हम याचिका खारिज करते हैं.
आफताब ने कोर्ट ने कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहा है. उसने जहां शव के टुकड़े फेंके, उसने उन जगहों की जानकारी दी. आफताब ने कहा कि वह सब कुछ बताएगा, लेकिन घटना को ज्यादा दिन हो जाने की वजह से वह कई चीजों को याद नहीं कर पा रहा है. आफताब के वकील के मुताबिक, उसे यह सही तरीके से याद नहीं है कि उसने आरी कहा से खरीदी. आफताब ने तालाब का भी मैप बनाया है, जहां उसने श्रद्धा का सिर फेंका था.
श्रद्धा मर्डर केस में सबूतों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस ने 14 टीमें बनाई हैं. श्रद्धा की हत्या के बाद के अगले दिन से आफताब के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने एक रुट बनाया है, उस पूरे रुट की तलाशी की जाएगी. महरौली और गुरुग्राम में कूड़ा बीनने वालों से भी पूछताछ की जाएगी. आफताब आरी फेंकने के लिए कैब से गुरुग्राम गया था. आफताब आम तौर पर मैट्रो से ऑफिस जाता था, लेकिन जिस दिन वो अपने बैग में हथियार डालकर, उसे फेंकने गया था, उस दिन उसने कैब बुक की थी.
दिल्ली पुलिस को मैदानगढ़ी तालाब से हड्डियां मिलीं हैं. इनकी जांच के लिए इन्हें CFSL भेज दिया गया है. आफताब ने ही पुलिस पूछताछ में कुबूल किया था कि मैदानगढ़ी तालाब में उसने श्रद्धा का सिर और बाकी हिस्से फेंके हैं. दिल्ली पुलिस रविवार से ही तालाब को खाली कराने की कोशिश में जुटी है. हालांकि, इसमें लगातार सीवर से पानी आने के चलते इसे खाली करना काफी मुश्किल हो रहा था, ऐसे में पुलिस ने गोताखोरों का इस्तेमाल करने का फैसला किया. गोताखोरों ने ही तालाब से हड्डियां बरामद की हैं.
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब की पुलिस कस्टडी चार दिन के लिए बढ़ा दी है. आफताब की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही थी. अभी आफताब का पॉलीग्राफी और नार्को टेस्ट होना है. आफताब ने सुनवाई के दौरान जज से कहा कि उसने जो कुछ किया, वह सब बिना सोचे समझे गुस्से में किया.