सरपंच बनने की चाहत में कातिल बना एक पिता, दो-बच्चों वाले नियम से बचने के लिए बेटी को नहर में धकेला

सरपंच चुनाव लड़ने की चाह में पिता ने दो-बच्चों वाले नियम से बचने के लिए अपनी ही बेटी की हत्या कर दी. निजामाबाद में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने पिता और मौजूदा सरपंच को गिरफ्तार किया. पढ़ें ये खौफनाक कहानी.

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पुलिस कातिल पिता और उसके एक मददगार को गिरफ्तार कर लिया (फोटो-ITG) पुलिस कातिल पिता और उसके एक मददगार को गिरफ्तार कर लिया (फोटो-ITG)

अब्दुल बशीर

  • निजामाबाद,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:32 PM IST

तेलंगाना के एक छोटे से गांव से निकली यह खूनी कहानी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और इंसानियत के पतन की मिसाल बन गई है. एक शख्स को सरपंच बनने की चाहत ने इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपनी मासूम बेटी का कत्ल कर डाला. लेकिन उसका ये गुनाह छुप नहीं पाया और उसकी ये खौफनाक करतूत बेनकाब हो गई.

दो-बच्चों का नियम बना कत्ल की वजह
यह वारदात निजामाबाद के केरूर गांव की है. आरोपी आने वाले सरपंच चुनाव में किस्मत आजमाना चाहता था. लेकिन उसके रास्ते में एक बड़ी बाधा थी उम्मीदवार के दो से ज्यादा बच्चे ना होने का सख्त नियम. उसके तीन बच्चे थे, जिसकी वजह से वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गया था. इसी नियम से बचने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रची, जिसका शिकार उसकी बेटी बन गई.

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इलेक्शन लड़ने के लिए साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि पांडुरंग की सबसे बड़ी बेटी प्राची उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के रास्ते में आ रही थी. दो-बच्चों वाले नियम के कारण चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित होने का डर उसे लगातार सता रहा था. इसी डर और लालच ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसकी कल्पना भी कोई पिता नहीं कर सकता. आरोप है कि पांडुरंग ने योजना बनाकर अपनी बेटी को रास्ते से हटाने का फैसला किया, ताकि कागजों में वह चुनाव के लिए पात्र बन सके.

मासूम बेटी को नहर में धकेला 
यह दिल दहला देने वाली घटना निजामाबाद जिले में सामने आई. पुलिस के मुताबिक पांडुरंग अपनी बेटी प्राची को एडापल्ली के पास निजामसागर नहर तक ले गया. वहां उसने प्राची को नहर में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. शुरुआत में मामला संदिग्ध दुर्घटना के रूप में सामने आया, लेकिन परिस्थितियों और सबूतों ने कहानी की परतें खोल दीं. मासूम की मौत के पीछे छिपी साजिश ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया.

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सरपंच से बातचीत
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. पता चला कि पांडुरंग ने वारदात से पहले मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे से इस विषय में बातचीत की थी. इसी आधार पर पुलिस ने गणेश शिंदे को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का मानना है कि दोनों के बीच हुई चर्चाओं ने इस अपराध को अंजाम देने में भूमिका निभाई. यह मामला अब सिर्फ पारिवारिक अपराध नहीं, बल्कि सत्ता और साजिश का चेहरा भी दिखाने लगा है.

पुलिस के हत्थे चढ़ें दो आरोपी
निजामाबाद के पुलिस आयुक्त साई चैतन्य ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच के बाद इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश हुआ है. फिलहाल, मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस हर उस कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो इस हत्या से जुड़ी है. यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है- क्या सत्ता की चाह इंसान को इतना निर्दयी बना सकती है कि वह अपने ही बच्चे की जान ले ले?

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